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Bhiwani News: जरा संभलकर रहिये जनाब...यहां तबीयत खराब के साथ हादसे का भी रहता है डर

Tue, 17 Sep 2024 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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जिला नागरिक अस्पताल का खस्ताहाल भवन।
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भिवानी। जरा संभलकर रहिये जनाब, यहां तबीयत खराब के साथ हादसा होने का भी डर बना रहता है। जी हां हम यहां बात कर रहे हैं जिला नागरिक अस्पताल की। सोमवार रात को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी की छत से फाल सीलिंग का बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। सुबह ओपीडी खुली तो कर्मचारी भी छत से गिरी फाल सीलिंग देखकर सहम उठे। अगर ये हादसा दिन में होता तो मरीज चोटिल हो सकते थे।
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जिला नागरिक अस्पताल की छतों और दीवारों से मलबा गिर रहा है। वहीं फाल सीलिंग भी जमींदोज हो रही है। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों के सिर पर हमेशा इस बात का खतरा मंडराता है कि न जाने कब छत से उनके ऊपर कितना भारी मलबा या सामान आकर गिर जाए। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी चिंता बनी रहती है।
दरअसल, जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी, आपात विभाग और ऑपरेशन थियेटर में पहले भी मलबा गिरने से काफी मरीज चोटिल हो चुके हैं। वहीं ऑपरेशन थियेटर में महिला कर्मचारी के साथ घटित घटना के बाद तो हंगामा भी हो चुका है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल सेहत सुधारने की बजाए सेहत के लिए ही बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
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भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना ही ओपीडी में करीब साढ़े 1200 से अधिक मरीज यहां आते हैं। इन मरीजों में अधिकांश मरीजों को जांच के लिए अस्पताल परिसर के दूसरे हिस्से में भेजा जाता है। ये मरीज जहां भी जाते हैं, इन पर फाल सीलिंग टूटकर गिरने या फिर छत से मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। क्योंकि सत्तर के दशक में बना जिला नागरिक अस्पताल अब जर्जरहाल हो चुका है।
2011 में एलएनटी कंपनी ने करोड़ों के बजट से पुराने अस्पताल भवन का जीर्णोद्धार का काम किया था, लेकिन जीर्णोद्धार के बावजूद अब यहां अधिकांश हिस्से की फाल सीलिंग टूटकर गिर चुकी है वहीं छतों और दीवारों का प्लास्टर भी कमजोर हो गया है। जो अब मलबे के रूप में लगातार गिर रहा है। यही वजह है कि अस्पताल की दीवारों में खतरनाक तरीके से लोहे के सरिए भी अब अंदर से बाहर झांक रहे हैं। जिन्हें देखकर यहां आने वाले मरीज भी सहम रहे हैं।
दो माह में पांच जगह से गिर चुका है मलबा


जिला नागरिक अस्पताल के जर्जरहाल भवन की हालत यह है कि पिछले दो माह में पांच जगह से भारी भरकम मलबा गिर चुका है। इसमें दो जगह से तो ओपीडी और एक जगह आपातकालीन विभाग में मलबा गिरा है। इसके अलावा दो जगह वार्डों की तरफ भी मलबा गिरा है। वहीं अस्पताल के ढांचे को थामने वाले बीम भी कमजोर हो रहे हैं, जिनके लोहे के सरिए भी बाहर दिखाई देने लगे हैं। उनका कंक्रीट छोड़कर गिर चुका है।

मैं अस्पताल में चेकअप के लिए आया था। ओपीडी में अचानक ही कहीं से कुछ नीचे गिरने के बाद अफरा तफरी का माहौल बन गया। वहां जाकर देखा तो छत से फाल सीलिंग टूटकर नीचे गिरी पड़ी थी। यहां तैनात कर्मचारियों ने बताया कि यहां अक्सर ऐसा होता रहता है। उनके लिए तो ये नई बात नहीं है, लेकिन मरीज पर अचानक कुछ गिरता है तो वह घबरा जाएगा। जिससे उसकी तबीयत और अधिक बिगड़ने की संभावना भी बनी रहती है।



- जीतू निवासी सावड़

आपातकालीन विभाग और ओपीडी दो ऐसी जगह हैं जहां मरीज की हालत खराब होने या फिर बीमार होने पर ही लाया जाता है। अगर यहां कोई उसके साथ अनहोनी होती है तो इससे बड़ी विडंबना और क्या होगी। क्योंकि वह पहले से ही पस्त होता है। ऊपर से उसके साथ कोई हादसा होता है तो वह दिमागी तौर पर भी काफी तनाव झेलता है। इसलिए अस्पताल में सबसे पहले भवन के ढांचे को तो मजबूत बनाया जाए ताकि यहां इस तरह की कोई अनहोनी की आशंका तो न बने।



-कुलदीप निवासी भिवानी

जिला नागरिक अस्पताल के पुराने भवन की रिपेयरिंग को लेकर काफी बार उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। जबकि कुछ हिस्से में काम भी कराया गया है। ये भवन काफी पुराना हो गया है। इसलिए अब नए मेडिकल कॉलेज में इसके स्थानांतरण को लेकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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-डॉ. बलवान सिंह, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल भिवानी।
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