बवानीखेड़ा। बवानीखेड़ा तहसील को बने 50 वर्ष हो गए। कस्बावासी खुशी में स्वर्ण जयंती कार्यक्रम मना रहे हैं। 22 दिसंबर 1972 को भिवानी जिला बनने के एक घंटे बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री बंसीलाल ने तहसील की घोषणा की थी। इससे पहले बवानीखेड़ा हांसी तहसील के अंतर्गत आता था।
तीन साल डाक बंगले में लगा था तहसील कार्यालय
बवानीखेड़ा तहसील बनने के बाद तहसीलदार व नायब तहसीलदार के कस्बे के अंग्रेजों के जमाने के बने हुए डाक बंगले (विश्राम घर) में बैठने की व्यथा हुई थी । इसके बाद तहसील परिसर का निर्माण होने के बाद कार्यालय शिफ्ट हुआ। शुरुआत में तहसील में 58 गांव थे।
नए साल में मिल सकता है उपमंडल का दर्जा
बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल बनाए जाने की घोषणा 6 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। राजस्व विभाग ने प्रशासन से संबंधित दस्तावेज की जानकारी मांगी हुई है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो नए साल में बवानीखेड़ा तहसील को उपमंडल बनने का दर्जा मिल सकता है।
22 दिसंबर 1972 को बवानीखेड़ा तहसील बनी थी। शुरुआत के कुछ वर्ष कस्बे के विश्राम गृह में तहसील कार्यालय लगा था। उस वक्त तहसील में 58 गांव होते थे।
- रामप्रकाश टुटेजा सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार बवानीखेड़ा निवासी।