बवानीखेड़ा (भिवानी)। कस्बा बवानीखेड़ा के बाबा कमाल झील में विकास कार्यों पर खर्च हुए करोड़ों रुपये के बजट में गोलमाल की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम मंगलवार को पहुंची। बाबा कमाल झील पर टीम ने करीब छह घंटे तक गहन जांच की और कई जगह से विकास कार्यों के सैंपल भी एकत्रित किए, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। टीम का नेतृत्व विजिलेंस के इंस्पेक्टर विजय कुमार व कार्यकारी अभियंता दीपक गोयल ने किया।
गौरतलब है कि करीब चार साल पहले कस्बा बवानीखेड़ा के बाबा कमाल झील का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। आरोप है कि झील निर्माण में करोड़ों रुपए का गोलमाल हुआ। बताया जा रहा है कि शुरुआत में झील का टेंडर करीब सवा करोड़ का बनाया गया था। जिसे दोबारा रिवाइज करके सवा दो करोड़ का बनाया गया फिर तीसरी बार रिवाइज करके करीब सवा तीन करोड़ का बनाया गया। इसके बावजूद भी झील के निर्माण कार्य में निम्न स्तर की गुणवत्ता देखी गई। यह मामला गुप्तचर विभाग के पास पहुंच गया। मंगलवार को मामले की जांच करने एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर विजय कुमार व कार्यकारी अभियंता दीपक गोयल के नेतृत्व में टीम पहुंची।
टीम ने तत्कालीन नगरपालिका प्रधान, जेई,एमई को भी तलब कर जांच में बुलाया। मामले की जांच करीब छह घंटे तक चली। टीम ने कई जगह के सैंपल एकत्रित किए। इस बारे में एंटी करप्शन ब्यूरो से आए कार्यकारी अभियंता दीपक गोयल ने बताया कि झील के विकास कार्यों में प्रयोग की गई इंटरलॉक टाइल, प्लास्टर ,सीमेंट, ईंट इत्यादि के 12 सैंपल लिए गए हैं। सैंपलों को मधुबन लैब में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई होगी।