फोन में पुलिस अधिकारी की फोटो दिखाते अनिल शर्मा व उनके बेटे एडवोकेट मोहित शर्मा।
भिवानी। आज के समय में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) के माध्यम से परिचित व्यक्तियों की आवाज, फोटो व वीडियो का प्रयोग कर आमजन से ठगी का धंधा खूब फल-फूल रहा है। लेकिन यदि व्यक्ति जागरूक हो तो इस ठगी से बच सकता है। भिवानी के एडवोकेट मोहित शर्मा व उनके पिता अनिल शर्मा ने अपने विवेक से काम लिया तो वे ठगी का शिकार होने से बच गए।
भिवानी निवासी अनिल शर्मा ने बताया कि उनके बेटे को लेकर एक अज्ञात नंबर से उनके पास फोन आता है कि एसएचओ बोल रहा हूं और उनके बेटे ने अन्य चार लोगों से मिलकर गंभीर अपराध को अंजाम दिया है। यदि आपको अपना बेटा बचाना हो तो आप 50 हजार रुपये उनके दिए नंबर पर डाल दे। इस फोन कॉल से घबराए बिना अनिल शर्मा ने कहा कि वह उनके बेटे से बात करवाएं तो दूसरी तरफ आर्टिफिशिल इंटेलीजेंस से बनाई गई आवाज में हुबहू उनके बेटे एडवोकेट मोहित शर्मा अपने पिता को पुलिस से छुड़वाने की बात कह रहा था।
अनिल शर्मा ने बगैर भ्रमित हुए विज्ञान की इन तकनीकों को समझा और अपने बेटे एडवोकेट मोहित शर्मा के पास फोन किया तो मोहित ने बताया कि वह कोर्ट की लाइब्रेरी में लिटिगेशन से संबंधित केस की फाइलें पढ़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने बेटे को बुलाया और भिवानी के साइबर क्राइम में इस मामले की शिकायत दी। अनिल शर्मा व उनके बेटे मोहित शर्मा ने बताया कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से किसी परिचित, जानकार या परिवार के सदस्य की की हुबहू आवाज व हुबहू वीडियो और फोटो के साथ छेड़छाड़ कर ठगी का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे में बगैर घबराए पुलिस में जाकर ठगों के खिलाफ शिकायत करनी चाहिए।