भिवानी। भिवानी के मुख्य डाकघर में अधिकारियों और कर्मचारियों पर मिलीभगत से एजेंटों द्वारा 12 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है। डीसी कॉलोनी निवासी विजयपाल सिंह ने मामले की शिकायत शहर थाना पुलिस को दी। इस मामले में आर्थिक अपराध शाखा की जांच के उपरांत एजेंट दंपती व उसके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में विजयपाल ने बताया कि वह सेवानिवृत्त कर्मचारी है। उसने मुख्य डाकघर में लीला महता और उसकी पत्नी उषा महता के माध्यम से पैसा निवेश किया था। ये दोनों ही डाकघर में रजिस्टर्ड एजेंट हैं। लीला महता की 15 जनवरी 2023 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। उसकी मौत से कुछ समय पहले ही उसे पता चला था कि उसके निवेश के पैसे इन लोगों ने गोलमाल कर हड़प लिए हैं। उन्हें पता चला है कि इन लोगों ने डाक विभाग में करीब 12 करोड़ का गबन किया है।
उसने एजेंट उषा महता व उसके बेटे से संपर्क कर पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उसका पैसा चुकाने के लिए समय मांगा। उसे लिखकर दिया कि उसका 65 लाख रुपये बकाया है और ये पैसा देकर अपनी गाड़ी वापस ले लेंगे। लीला महता की मौत के बाद उसकी पत्नी उषा महता और बेटे ने पैसे देने से साफ इन्कार कर दिया। उसे व उसकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में पुलिस ने उषा महता, लीला मेहता और शुभम महता के खिलाफ धोखाधड़ी में केस दर्ज किया है।
इस मामले शहर थाने के एसएचओ सत्यनारायण ने बताया कि इस मामले में धोखधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। संबंधित एंजेटों को नामजद किया गया। अभी पुलिस मामले की जांच कर रही है।