गुरेरा गांव में परियोजना की आधारशिला रखते हुए कृषि मंत्री जेपी दलाल।
बहल। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान के खेत के चप्पे-चप्पे में सिंचाई सुविधा मुहैया करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत करोड़ों रुपये खर्च कर क्षेत्र की सभी नहरों का पुर्ननिर्माण करवाया है। उन्होंने कहा कि मीकाडा के तहत गांव के जोहड़ों व तालाबों को खुदवाया जा रहा है ताकि नहरी पानी के अलावा बरसाती पानी को एकत्रित करके सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत प्रयोग किया जा सके। वे रविवार को गुरेरा गांव में 4 करोड़ 13 लाख रुपये की लागत से पाइप लाइन डालने के लिए शुरू की गई परियाेजनाओं की आधारशिला रखने के बाद संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने जनसंवाद कार्यक्रम के तहत मंढोली खुर्द, सिवाच, मोरका, मिठी, मतानी, ढाणी भाखरा, सैनीवास गांवों का दौरा कर जनसमस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि गुरेरा की इस परियोजना में जो पाइप डाले जाएंगे। उनकी लंबाई 35 हजार फीट होगी व इसके पूरा होने के बाद करीब 23 सौ एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी। इसके अलावा गांवों में 20 साल पहले बने खालों का निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने मंढोली खुर्द में ग्रामीणों की मांग पर गांव में पानी के लिए टैंकर देने व सफाई व्यवस्था के लिए ट्रैक्टर देने की घोषणा की। गांव के पशुपालक राजस्वरूप की भैंस की मौत पर 50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
वहीं, बहल से हिसार वाया मंढोली खुर्द, सिवाच बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने सिवाच गांव में ढाणियों की लाइट व मंदिर तक पाइपलाइन के लिए पांच लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए मीकाडा के तहत साढे चार करोड़ रुपए की लागत से एक सार्वजनिक तालाब की परियोजना शुरू की जाएगी। गांव में ई लाइब्रेरी व जिम का निर्माण करवाने की भी घोषणा की। गांव मिठी में शमशान घाट की चाहरदीवारी, गंदे पानी की निकासी के लिए नाला, बूस्टिंग स्टेशन की चाहरदीवारी, ढाणियों में पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन व गांव के सार्वजनिक प्रयोग के लिए एक टैंकर देने की घोषणा की।