भिवानी। सिंचाई विभाग ने दो साल बाद 60 लाख के बजट से 80 किलोमीटर लंबाई के दायरे तक जूई फीडर और जूई कनाल की सफाई का काम शुरू कराया है। सिंचाई विभाग के इस कार्य से जिले के 70 गांवों के जलघर टैंकों तक पूरा पानी पहुंचेगा। वहीं इन इलाकों के सैकड़ों किसानों को सिंचाई में फायदा मिलेगा।
बाढ़ के पानी के साथ जिले की बड़ी नहरों के अंदर लाखों टन मिट्टी नहरों में पहुंची थी। जूई फीडर में चार नवंबर को पानी आएगा। इसका अधिकांश हिस्सा साफ हो चुका है। अब झाड़ियों की आड़ में किसान नहरी पानी चोरी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि सिंचाई विभाग नहरी चोरी संभावित इलाकों में नहरों के सभी किनारों से झाड़ियों को पूरी तरह से साफ कराएगा। सफाई के बाद जूई फीडर की हैड से 970 क्यूसेक और जूई कनाल की 337 क्यूसेक क्षमता होगी।
सिंचाई विभाग के भिवानी वाटर सर्विसेज के तहत जूई डिविजन के तहत आने वाली जूई फीडर और जूई कनाल नहरों की सफाई पर विभाग ने 60 करोड़ रुपयों के बजट का खाका तैयार कर काम शुरू कराया है। जूई फीडर नहर की सफाई का काम मशीनों से शुरू हो चुका है। जबकि जूई कनाल पर भी जल्द काम शुरू कराया जाएगा। सिंचाई विभाग ने मोहला हेड से बहल क्षेत्र के पंप हाउस तक जूई डिविजन की जूई फीडर और जूई कनाल नहरों की सफाई कराएगा।
इन दोनों ही नहरों का करीब 80 किलोमीटर का दायरा है। इनमें मशीनों से सफाई होगी। नहरों के किनारों से बारिश के दौरान पनपी वनस्पति और झाड़ियों को साफ किया जाएगा। इसी के साथ नहर की तलहटी पर जमा मिट्टी भी निकाली जाएगी। नहरों की सफाई का दो चरणों में काम पूरा होगा। पहले चरण का काम शुरू हो चुका है। इसके तहत करीब 35 लाख के वर्कऑर्डर जारी हो चुके हैं और काम भी शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग के अधिकारी नहरों की सफाई इस तरह से कराएंगे कि नहरी पानी का शेड्यूल भी प्रभावित नहीं होगा। शेड्यूल के हिसाब से चार नवंबर को जूई फीडर में पानी आएगा। इस दौरान एक पखवाड़े तक पानी नहर में होगा। इसके बाद पानी बंद होगा तो फिर सफाई का काम शुरू किया जाएगा।
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नवंबर में किसान करेंगे खेतों में सिंचाई
अधिकांश किसान अब रबी सीजन की बिजाई में जुटे हैं, नवंबर में वे अपनी फसलों की सिंचाई करेंगे। इसके लिए उन्हें पर्याप्त नहरी पानी की आवश्यकता होगी। नहरों की सफाई के बाद उनकी क्षमता बढ़ेगी वहीं किसानों के खेतों को भी पानी नसीब होगा। बारिश के बाद बाढ़ के पानी से अत्यधिक मिट्टी नहरों की तलहटी में पानी के बहाव को प्रभावित करती है।
बहल क्षेत्र की टेल तक पहुंचेगा पानी
भिवानी वाटर सर्विसेज के तहत जूई डिविजन में जूई कनाल और जूई फीडर बड़ा नहरी सिस्टम है। इससे भिवानी जिले के बहल क्षेत्र की टेल तक पानी पहुंचाने का जिम्मा है। नहरों की नियमित सफाई के बाद टेल पर लगने वाले गांवों को पानी मिलेगा। क्योंकि इन नहरों में पानी के लिए रुकावट बनने वाली मिट्टी और झाड़ियां साफ कर दी जाएगी। करीब 70 गांवों के जलघर इन दोनों ही नहरों के सिस्टम पर निर्भर है। इन गांवों के जोहड़ों को भी इन्हीं से पानी की आपूर्ति होती है।
कुछ जगहों पर सफाई में हो रही महज खानापूर्ति
जूई फीडर नहर की सफाई में कुछ हिस्सों में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति भी की जा रही है। इसमें कुछ जगहों पर केवल किनारे पर ही साफ किए हैं, तलहटी अभी नहीं साफ हुई है। नहर में पानी के साथ आई गंदगी भी अभी तलहटी पर पड़ी है। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहरों की सफाई अभी जारी है।
जूई डिविजन के तहत जूई कनाल और जूई फीडर सिस्टम की दो साल बाद सफाई का काम शुरू किया गया है। इससे तोशाम और बहल क्षेत्र के टेल पर लगने वाले इलाकों तक नहरी पानी पहुंचेगा। नहरों की सफाई के बाद इनमें पूरी क्षमता से पानी का प्राकृतिक बहाव रहेगा। इससे करीब 70 गांवों के जलघर टैंक, तालाब और किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी मिलेगा।
-अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता जूई वाटर डिविजन भिवानी।