बवानीखेड़ा। कस्बे को नगरपालिका बने बेशक आधी शताब्दी बीत चुकी है लेकिन अभी तक विकास क्षेत्र से कोसों दूर है। सन्तों की नगरी जिसको दादू नगरी भी कहा जाता है आज प्रशासन की अनदेखी और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई है। करोड़ों के बजट से जीर्णोंद्धार के बाद झील में प्रशासन की बदहाली झलक रही है।
विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर की आबोहवा में कोई निखार नजर नहीं आया है। कस्बे का झील इसका जीता-जागता उदाहरण है। तोशाम और आदर्श गांव सूई की झीलों की तर्ज पर विकसित की गई कस्बे की तीन करोड़ की झील का शिलान्यास अक्तूबर 2018 में हुआ था। वह लगभग डेढ़ से दो साल पहले प्रशासन को आधी-अधूरी ही हैंडओवर कर डाली। जिसके बाद अब ये गंदे पानी का तालाब बनकर रह गई है। झील में अव्यवस्थाएं इस कदर हावी है कि वहां पर्यटकों के बजाय लावारिस पशु घूमते मिलते हैं। झील में पानी है न नाव है, है तो बस गंदे पानी में उगने वाली घास और झाड़ियां जो प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है। संवाद
गंदा पानी का दलदल बनी झील
झील में साफ पानी डालने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं झील में कई कई फीट गाद जमी हुई है। इसमें बरसाती पानी के इकट्ठा होने से गंदे पानी में उगने वाली घास और झाड़ियां उग आए हैं जो झील के साथ-साथ आस पड़ोस की भी हवा बिगाड़ रही है। गंदे पानी में मच्छर पनप रहे हैं जिनसे कस्बे में गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बन हुआ है।
कोई चौकीदार या गार्डनर नहीं है मौजूद
झील में सैर-सपाटे के लिए बनाई गई सड़कों पर लावारिस पशु घूमते नजर आते हैं वहीं गार्डन और पेड़-पौधों की देखभाल के लिए कोई माली भी मौजूद नहीं है। झील में चौकीदार नहीं होने से यह शराबियों और नशेड़ियों के लिए ठिकाना बन गया है। यहां सरेआम नशेड़ियों को घूमते देखा जा सकता है।
फिलहाल झील में रखरखाव के लिए कोई टेंडर नहीं है। जल्द मेनटेंनेेंस का टेंडर लगाकर झील में साफ-सफाई और रखरखाव का काम करवा दिया जाएगा।
-विनय कुमार, सचिव, नगरपालिका बवानीखेड़ा
हमने कस्बे को विकसित करने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। जिसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कस्बे को दिल खोलकर पैसा दिया है। करोड़ों रुपये की परियोजनाएं बवानीखेड़ा में आई है लेकिन कुछ लोगों के भ्रष्टाचार की वजह से विकास कार्य सिरे नहीं चढ़ पाए। सरकार कस्बे के विकास कार्यों में हुए भ्रष्टाचार की जांच करवा रही है और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार के किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। झील में पानी नहीं होने और साफ-सफाई रखरखाव का मामला मेरे संज्ञान में आया है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश देकर जल्द बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाएंगी।
-बिशंबर वाल्मीकि, विधायक हल्का बवानीखेड़ा