जिला सतर्कता समिति भिवानी की जांच के बाद अतिरिक्त उपायुक्त के निर्देश पर सिविल लाइन पुलिस थाना में तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी सोमदत्त खुंडिया के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। उन पर बाल कल्याण परिसर में शगुन वाटिका आवंटन में भारी अनियमितता बरतते हुए गलत आवंटन किए जाने का गंभीर आरोप हैं।
इसकी वजह से समिति ने इस मामले में हुए नुकसान की भरपाई भी उन्हीं से किए जाने की अनुशंसा की है। अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा, जिसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
दरअसल, बाल कल्याण समिति कार्यालय परिसर के पास शादी विवाह में बुकिंग के लिए शगुन वाटिका का लीज पर आवंटन किया गया था। इस मामले में उपायुक्त ने जिला सतर्कता समिति भिवानी से इस मामले की जांच कराई थी। सितंबर माह में सतर्कता समिति ने अपनी जांच की और जांच के दौरान शगुन वाटिका से संबंधित दस्तावेज और आवंटन से जुड़े पूरे मामले में नियमों के विरुद्ध आवंटन किया गया। जिस समय ये आवंटन हुआ उस समय सोमदत्त खुंडिया भिवानी में जिला बाल कल्याण अधिकारी थे।
मानदंडों के बिना शगुन वाटिका दिए जाने के कारण हुए नुकसान की भरपाई भी संबंधित जिला बाल कल्याण अधिकारी से कराए जाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, उपायुक्त कार्यालय में शिकायत की गई थी। इसकी जांच उपायुक्त ने जिला सतर्कता समिति को सौंपी थी। इसी जांच की रिपोर्ट समिति ने प्रशासन को सौंप दी। इसमें तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी सोमदत्त खुंडिया पर शगुन वाटिका आवंटन में अनियमितता साबित हो गई। जिसके उपरांत आरोपी अधिकारी पर कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा। इसके बाद वीरवार को सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी में आरोपी तत्कालीन बाल कल्याण अधिकारी सोमदत्त खुंडिया के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।