पोस्ट ऑफिस में फर्जी कॉपियां दिखाते कर्मचारी।
भिवानी। घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर में करीब दो साल से एजेंट के माध्यम से खाता खुलवाकर लाखों रुपये जमा कराने वाले लोगों को चूना लगाए जाने के मामले में मंगलवार को पीड़ितों ने हंगामा किया। इन लोगों ने एजेंट द्वारा धोखाधड़ी से उनके फर्जी हस्ताक्षर कर खातों से लाखों रुपये निकालने के भी आरोप लगाए। वहीं उन्हें डाकघर की फर्जी पासबुक भी थमाई गई।
मामला करीब दो साल पहले का है। मंगलवार को मुख्य डाकघर में पहुंचे लोगों ने बताया कि उन्होंने मुख्य डाकघर में एक एजेंट के माध्यम से खाते खुलवाए थे। इन खातों में उन्होंने अपने जीवन की जमा पूंजी जमा कराई थी। जिसे एजेंट ने अधिकारियों व कर्मचारियों से मिलीभगत कर खाली कर डाला और उनके फर्जी हस्ताक्षर कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। इस मामले को लेकर वे जिला कष्ट निवारण समिति के समक्ष भी पहुंचे, जहां पर तत्कालीन पंचायत मंत्री के आदेश पर डाक विभाग के उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच कराई। वहीं मंगलवार को अंबाला से इसी मामले की जांच के लिए उच्चाधिकारियों की टीम पहुंची थी। जिसकी भनक लगते ही धोखाधड़ी के शिकार हुए पीड़ित लोग भी वहां जुटे और हंगामा कर दिया। उनका कहना है कि जांच कमेटी बनाई थी। उस कमेटी को भी बदला गया है। पीड़ित खाता धारकों का कहना है कि किसी धारक ने 22 लाख रुपये तो किसी ने 80 लाख रुपये का पीएफ जमा करवाया था लेकिन अब न ब्याज मिल रहा न ही मूल राशि। इस मामले में पीड़ितों ने हर जगह शिकायत की मगर अभी तक उन्हें कोई न्याय नहीं मिला है। वहीं मुख्य डाकघर के डाक अधीक्षक संजय वर्मा का कहना है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच चल रही है।