भिवानी। जिले में लगातार दूसरे दिन भी एक डेंगू का एक संदिग्ध मरीज सामने आया है। अब तक जिले में डेंगू के पांच संदिग्ध मरीज मिल चुके हैं, जबकि मलेरिया का सिर्फ एक केस सामने आया है। लगातार डेंगू का संक्रमण बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ी हैं। वहीं आम लोगों में भी इसका डर बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट लैब संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे एनएस-1 एलाइजा टेस्ट के लिए तुरंत डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल नागरिक अस्पताल में भेजे। नगर परिषद ने भी शहरी दायरे में फॉगिंग का काम तेज कर दिया है। ज्यादातर डेंगू के मरीज शहरी कॉलोनियों में ही सामने आए हैं।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के मीडिया बुलेटिन में डेंगू का एक संदिग्ध मरीज सामने आया है। डेंगू संभावित ये मरीज शहर के नया बाजार नीम चौक क्षेत्र का है। स्वास्थ्य विभा की रेपिड रिस्पोंस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच ।की वहीं एंटी लारवा एक्टिविटी भी स्वास्थ्य विभाग ने कराई। इसके बाद नगर परिषद ने यहां फॉगिंग कराई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अलावा भी डेंगू संभावित मामले लगातार बढ़ रहे हैं, कई संदिग्ध मरीज तो दूसरे जिलों में अपना इलाज करा रहे हैं।
ये है जिले में पिछले सालों के मुकाबले वर्तमान में डेंगू संदिग्ध मरीजों की स्थिति
वर्ष- डेंगू संदिग्ध केस
2015- 601
2016- 17
2017- 85
2018- 50
2019- 13
2020- 49
2021- 356
2022- 123
2023- 05
जिले में सभी प्राइवेट लैब संचालकों को सख्त हिदायतें हैं कि डेंगू संदिग्ध मरीज की जांच के लिए 600 रुपये से ज्यादा पैसे नहीं लिए जाए और ऐसे मरीजों की एनएस-1 एलाइजा टेस्ट के लिए तुरंत सैंपल स्वास्थ्य विभाग को भेजे। नागरिक अस्पताल में डेंगू संभावित मरीज की जांच मुफ्त की जा रही है और इलाज के लिए भी स्पेशल वार्ड बनाया हुआ है। सभी ग्राम पंचायतों व शहरी वार्डाें में पार्षदों से अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने इलाके में फॉगिंग कराए, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग उन्हें दवा मुफ्त मुहैया कराएगा।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।