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Bhiwani News: एक सड़क हादसे ने बुझा दिए तीन घरों के इकलौते चिराग

Wed, 11 Oct 2023 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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नागरिक अस्पताल के शव गृह में शवों की ​शिनाख्त करते परिजन। 
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बहल (भिवानी)।
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बहल से भिवानी रोड पर सेरला गांव के समीप हुए सड़क हादसे में छह युवाओं की मौत हुई है। इनमें से तीन युवक ऐसे थे जो अपने-अपने परिवारों के खेवनहार थे। युवाओं की मौत के बाद इनके परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। तीनों मृतकों के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था जबकि ये तीनों अपने परिवार में इकलौते पुत्र थे। घटना के बाद बहल क्षेत्र के अलावा मृतकों के गांव में गमगीन माहौल है।
हादसे में जिन युवकों की मौत हुई है उनमें लाडियावाली निवासी प्रदीप, इंदीवाली निवासी रवि व बुढेड़ा निवासी विकास अपने परिवारों में अकेले ही कमाने वाले थे। तीनों युवकों के सिर पर पिता का साया नहीं था और ये माता-पिता के इकलौते बेटे थे। मारे गए दो युवकों में यूपी निवासी ट्रक क्लीनर अरुण व इंदीवाली निवासी रवि अविवाहित थे। हादसे में मारे गए तीन युवक 30 साल की उम्र के जबकि तीन अन्य 20 से 25 साल की बीच उम्र के थे। इनमें एक युवक रवि हिसार के कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रहा था। मृतकों में दो युवक, नसीब और विकास एक ही गांव बुढेड़ा के रहने वाले थे। संवाद
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आपस में गहरे दोस्त थे मृतक विकास व नसीब
हादसे में मारे गए दो युवक विकास व नसीब उर्फ मोलड़ बहल क्षेत्र के गांव बुढेड़ा के रहने वाले थे। दोनों युवक आपस में गहरे दोस्त थे। विकास के पिता की करीब डेढ़ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। इसके अलावा उसके छोटे भाई नसीब की ही एक सड़क दुर्घटना में करीब दस साल पहले मौत हो गई थी। अब विकास के घर में बूढ़ी मां, उसकी पत्नी और तीन बच्चे (पांच व छह वर्ष की दो लड़की व एक साल का एक लड़का) बचे हैं। वहीं, नसीब उर्फ मोलड़ के तीन साल व एक साल की दो लड़की हैं। दोनों की आपस में गहरी दोस्ती थी और उनका साथ ही आना-जाना होता था।



बीए का छात्र था मृतक इंदीवाली निवासी रवि

हादसे का शिकार बना रवि (20) तोशाम क्षेत्र के इंदीवाली गांव का रहने वाला था। वह अविवाहित था। हिसार के राजकीय महाविद्यालय से ग्रेजुएशन कर रहा था। रवि के पिता की करीब तीन वर्ष पहले मौत हो चुकी है। रवि खेती के सहारे घर में अकेला ही कमाने वाला था। वहीं, लाडियावाली निवासी प्रदीप (30) भी अपने परिवार का इकलौता चिराग था। प्रदीप के पिता की करीब छह वर्ष पहले मौत हो चुकी है और वह अपने परिवार का खेतीबाड़ी कर गुजर बसर कर रहा था। बताया जाता है कि कुछ समय पहले प्रदीप ने शराब ठेकेदार का काम भी किया था। प्रदीप के तीन साल का बेटा रियान व मात्र छह महीने का बेटा केशु है। घटना में प्रदीप के साथ रहने वाला बरवाला निवासी जितेन्द्र (30) भी इस मनहूस घड़ी का शिकार हुआ है। जितेंद्र के पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। जितेंद्र के भाई प्रवीन ने बताया कि जितेंद्र ने कुछ दिन तक गार्ड की नौकरी भी की थी। जितेंद्र का एक लड़का अभिजीत है।
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मजदूरी करने के लिए हरियाणा आया था यूपी निवासी अरुण
हादसे में जान गंवाने वाला यूपी के जिला अमरोहा निवासी अरुण अपनी जिंदगी के 19 बसंत ही देख पाया था। वह अपना परिवार चलाने के लिए हरियाणा में मजदूरी करने आया था। मजदूरी नहीं मिलने पर वह एक ट्रक पर क्लीनर की नौकरी करने लगा था। जिस वक्त हादसा हुआ उस समय अरुण तूड़े से भरे ट्रक पर चढ़कर सड़क पर पेड़ की टहनियां हटाने के बाद नीचे उतर रहा था कि कार और ट्रक की चपेट में आ गया। अरुण के दो भाई व एक बहन है। वह अविवाहित था। हादसे के बाद ड्राइवर अपने ट्रक को छोड़कर मौके से फरार हो गया।
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