भिवानी। फीडरों के जीर्णोद्धार के कार्य पर करीब 150 करोड़ का बजट खर्च किया है। कहीं टूटे बॉक्स टूटे पड़े हैं तो कहीं मीटर जमीन को ही छू रहे हैं। इतना ही नहीं कई दशकों बाद भी लोहे के पोल नहीं बदले गए हैं। एच पोल पर लटक रहे बिजली तारों का जंजाल भी हादसों की वजह बन रहा है। घर के भीड़ भरे बाजारों और आबादी वाले इलाकों में निगम की ये अव्यवस्थाएं लोगों की जान पर भी खतरे के रूप में मंडरा रही हैं।
शहर के ढाणा रोड, शहर के नया बाजार क्षेत्र बावड़ीगेट क्षेत्र के अलावा जैन चौक क्षेत्र ऐसे इलाके हैं जहां पर मीटर बॉक्स टूटे पड़े हैं। बिजली के मीटर भी सिर्फ नाम के पोल पर लगे हैं, लेकिन ये जमीन से कुछ इंच ही ऊपर हैं। ऐसे में कोई भी वाहन या फिर लावारिस पशु इनकी चपेट में आ सकता है। हांसी गेट क्षेत्र में तो पिलर बॉक्स ही टूटे पड़े हैं।
शहर के कृष्णा कॉलोनी और दिनोद गेट क्षेत्र में भी यही हाल है। शहर के इन इलाकों में दशकों बाद भी लोहे के पास टस से मस नहीं हुए हैं। बिजली निगम ने शहरी दायरे के फीडरों के जीर्णोद्धार पर करीब डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का भारी भरकम बजट भी खर्च कर डाला है, लेकिन इन इलाकों में बिजली लाइनों में न तो सुधार हुआ है न ही पिल्लर बॉक्स और मीटर बॉक्स सुधरे हैं। इन टूटे हुए बॉक्स में स्पार्किंग से हादसों का डर भी बना है। मगर कोई सुध लेने वाला नहीं है।
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बिजली निगम लगातार बिजली फीडरों का जीर्णोद्धार और विस्तार कर रहा है। जहां से भी बिजली मीटर बॉक्स टूटने या उन्हें बदलने की शिकायतें आती हैं उन पर तत्काल संज्ञान लिया जा रहा है। अभी भी शहर में कुछ बिंदुओं पर लोहे के पोल हैं, जिन्हें बदलने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इन्हें भी हटा दिया जाएगा।
-एसएस कंन्टूरा महाप्रबंधक भिवानी सर्कल दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।