भिवानी। जिले में सरसों की सरकारी खरीद में किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। शनिवार को जिला मुख्यालय की चारा मंडी में 842 किसान 18,019 क्विंटल सरसों लेकर पहुंचे। जबकि शाम तक 475 किसानों की 9,846 क्विंटल सरसों की ही सरकारी खरीद हो पाई।
चारामंडी में सरसों के बड़े ढेर लग गए। उठान धीमा होने की वजह से जगह का भी अभाव बना। वहीं ग्रामीण मंडियों में शनिवार को सरसों की सरकारी खरीद नहीं हुई लेकिन उठान भी धीमा ही बना रहा। इससे आढ़तियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। भिवानी जिला मुख्यालय की चारामंडी सहित जिले भर की दस मंडियों में अब तक करीब चार लाख क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है। मंडियों में आवक तेज होने और उठान धीमा चलने की वजह से जगह का भी अब अभाव बना है। यही वजह रही कि शनिवार को सरकारी खरीद बंद करनी पड़ी। केवल चारामंडी में ही किसानों की सरसों खरीदी गई। शनिवार को जिला मुख्यालय पर 842 किसान अपनी सरसों लेकर पहुंचे। किसानों की फसल आवक की वजह से ट्रैक्टरों की भी गेट पास के लिए लंबी लाइनें लगीं।
ग्रामीण मंडियों में तो और भी बुरे हालात हैं, क्योंकि वहां हजारों क्विंटल सरसों की चारों तरफ ढेरियां ही लगी हैं, जबकि भराई के बाद हजारों कट्टों का भी उठान नहीं हुआ है। मंडियों में करीब अब भी सवा सात लाख से अधिक कट्टे उठान के बगैर पड़े हैं। उठान धीमा होने की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि भिवानी में खरीद हो रही सरसों नारनौल, महेंद्रगढ़, हिसार, रोहतक व अन्य जिलों के गोदामों में भेजी जा रही है। एक गाड़ी एक दिन में केवल एक ही चक्कर लगा पा रही है।
फिर बिगड़ेगा तीन दिन मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के अनुसार 15 से 18 अप्रैल तक फिर से मौसम बिगड़ने के आसार बने हैं। अगर इस दौरान बारिश होती है तो किसानों की सरसों की नहीं बल्कि गेहूं की फसल पर भी संकट आ जाएगा। क्योंकि दस अप्रैल के बाद किसान मंडियों में गेहूं लेकर पहुंचना शुरू हो जाएंगे। मंडियों में खुले आसमान के नीचे ही किसानों की फसल पड़ी है, जिसकी बारिश से सुरक्षा के भी अभी कोई बंदोबस्त तक नहीं हैं। बारिश में सरसों भीगने के बाद उसकी गुणवत्ता में भी कमी आएगी। वहीं गेहूं का रंग भी फीका हो जाएगा।
गेहूं की आवक भी होने लगी
भिवानी मंडी में अब गेहूं की भी इक्का दुक्का ढेरी लगने लगी हैं। कुछ किसान अपना गेहूं निकालने के बाद सीधे ही मंडियों में पहुंच रहे हैं। इसकी एक वजह किसान के पास भंडारण के लिए जगह नहीं है। दूसरा मौसम के तेवर बदलने से पहले किसान फसल बेचना चाहता है। किसान अपनी जरूरतों और अगली फसल की बीजाई की तैयारी के लिए भी अपनी नकदी फसल को मंडी में लाकर जल्द से जल्द बेचना चाहता है। मगर मंडियों में खरीद की बदइंतजामी किसानों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
जिलेभर में सभी मंडियों से सरसों का उठान तेजी से कराया जा रहा है। रविवार को मंडियों में सरसों की खरीद नहीं होगी। सोमवार से किसानों की सरसों की खरीद फिर से नियमित कर दी जाएगी। किसान सरकार की हिदायतों के अनुसार अपनी फसल को सुखाकर लाएं ताकि निर्धारित नमी के अनुसार उसकी सरकारी खरीद समय पर कराई जा सके।
-संदीप पूनिया जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।