भिवानी। शहरी दायरे की पेयजल आपूर्ति में लोगों के घरों तक पहुंच रहा पानी, पीने लायक नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की जांच में फेल आ रहे पेयजल सैंपलों के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया है। जनवरी से अब तक शहर में 700 पेयजल के सैंपल फेल आ चुके हैं। जबकि सप्लाई में दिए जा रहे पानी के 20 फीसदी सैंपलों में भी पानी की गुणवत्ता बेहद खराब आ रही है।
यही वजह है कि पिछले 10 दिनों में नागरिक अस्पताल की ओपीडी में उल्टी दस्ते के मरीज भी चार से पांच गुना तक बढ़ गए हैं। सिविल सर्जन ने भी इस संबंध में उपायुक्त के माध्यम से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुधार के लिए पत्र लिखा है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी दायरे में जनवरी से लेकर अब तक सप्लाई में दिए जा रहे पेयजल आपूर्ति के सैंपल लिए हैं। इसमें से करीब 700 पानी के सैंपल की रिपोर्ट फेल हो गई है। जिन इलाकों में पानी के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें नलों के अंदर आने वाला पानी बेहद ही गंदा है। इसमें बैक्टीरिया की मात्रा भी सामान्य से कहीं अधिक पाई गई है।
भिवानी नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर 1200 मरीज आते हैं। मगर इनदिनों जलजनित बीमारियों के संक्रमण की वजह से उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग अपनी लैब में ही पानी के सैंपलों की जांच करा रहा है। इसकी रिपोर्ट को उपायुक्त के समक्ष भेज जनस्वास्थ्य विभाग को भी अवगत करा रहा है, ताकि विभाग समय रहते पानी की गुणवत्ता में सुधार कर सके और पानी के दूषित होने के कारकों का भी पता चल सके।
विद्यानगर में 15 दिन से हो रही गंदे पानी की आपूर्ति, जताया रोष
विद्यानगर कॉलोनी के भोमिया मंदिर मार्ग क्षेत्र में पिछले 15 दिन से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। क्षेत्रवासी मंजू, बिमला, अंजू ने बताया कि घरों के अंदर सप्लाई में काले रंग का बदबूदार पानी आ रहा है। इसे पीना तो दूर हाथ से छूने भर से बदबू नहीं जाती है। इस संबंध में काफी बार शिकायतें भी की जा चुकी हैं, मगर आपूर्ति में कोई सुधार नहीं हुआ है। गंदे पानी के इस्तेमाल से बीमारियों के संक्रमण का खतरा बढ़ा है। महिलाओं ने गंदे पानी को दिखाते हुए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रति भी रोष जताया है।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति में दिए जा रहे पानी के सैंपल लिए हैं। इनमें करीब 20 फीसदी सैंपल फेल आए हैं। पिछले 15 दिन से खराब पानी के सेवन से ओपीडी में भी चार से पांच गुना मरीज जलजनित बीमारियों के संक्रमण के बढ़े हैं। हमने इस बारे में उपायुक्त के माध्यम से जनस्वास्थ्य विभाग को भी पत्र लिखकर पानी की गुणवत्ता सुधार के बारे में अनुरोध किया है। वहीं शहरवासियों से भी अपील की है कि पानी को उबालकर ठंडा कर मटके में डाले और क्लोरिन का भी इस्तेमाल करें। आरओ का पानी भी बैक्टीरिया को पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाता है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।
जिन हिस्सों में गंदे पानी की आपूर्ति की शिकायतें मिल रही हैं। उन इलाकों में विभाग की टीम लाइनों की जांच कर वजह को ढूंढकर उनका समाधान कर रही है। अब तक पूरे शहर में करीब 25 किलोमीटर लंबी लाइन की मॉनिटरिंग कराकर कई जगह लीकेज ठीक की जा चुकी है।
-सुरजीत सिंह मलिक, एसडीओ, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।