भिवानी। वीरवार रात को आई तेज आंधी से जिलेभर में 687 बिजली पोल टूट गए और 17 बिजली ट्रांसफार्मर भी जमींदोज हो गए। करीब साढ़े तीन सौ से अधिक हरे पेड़ टूटने से मुख्य रास्ते भी अवरुद्ध हो गए। इसकी वजह से गांवों में गलियों से लेकर मुख्य रास्ते भी बाधित हो गए।
चौबीस घंटे बीत जाने के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। वहीं बिजली निगम को भी मात्र दो घंटे की तेज आंधी में करोड़ों की चपत लग गई। निगम के कर्मचारी ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
वीरवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक ही तेज 215 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज आंधी आई। आंधी इतनी तेज थी कि हवा में सिर्फ धूल ही धूल नजर आ रही थी। वहीं बिजली गुल होने से पूरे जिले में ब्लैक आउट जैसे हालात बने। तोशाम, ढिगावामंडी, भिवानी शहर, लोहारू, चांग, खरक कलां, बवानीखेड़ा क्षेत्र में भी तेज आंधी ने खूब तबाही मचाई। कई घरों पर बिजली पोल व पेड़ टूट कर गिए गए, जिससे मकानों में भी मोटी दरारें आ गईं।
कई गांवों में देर शाम तक बहाल नहीं हुई बिजली आपूर्ति
कैरू। कैरू देवराला ग्रामीण क्षेत्र में रात पौने नौ बजे आई आंधी से बहुत नुकसान हुआ। आंधी से कैरू-देवराला के बीच दर्जनों पेड़ गिर गए। वहीं बिजली का पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। देवराला के जवाहर नवोदय विद्यालय सड़क पर बिजली का पोल टूट कर गिर गया। इससे रास्ता बाधित हो गया।
वाबाबा मुंगीपा मंदिर के पास एक सफेदे के पेड़ के साथ बिजली का खंभा झुक गया। देवराला बिजली घर के अंतर्गत फीडरों के अधिकतर खंभे टूट गए और नीचे गिर गए। आपूर्ति बहाल करने के लिए शाम तक बिजली निगम के कर्मचारी जुटे रहे। गांव देवराला, खापड़बास, धारवानबास, खारियाबास, इंदीवाली, लाडियावाली गांव पूरी रात बिजली आपूर्ति नहीं हुई। वहीं शुक्रवार देर शाम तक भी बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
बहल क्षेत्र में अंधड़ से टूटे डेढ़ सौ बिजली पोल, तीन ट्रांसफार्मर गिरे
बहल। वीरवार शाम को आए तेज अंधड़ व तूफान से बिजली निगम को भारी नुकसान हुआ है। विभिन्न जगहों पर करीब 150 पोल टूट गए। इसके अलावा तीन ट्रांसफार्मर आंधी के कारण जमीन पर जा गिरे। आंधी से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था ठप हो गई।
मंढोली कलां, सुधीवास व गरवा की बिजली सप्लाई शुक्रवार को भी सुचारू नहीं हो पाई। नेट हाउस के पर्दे उखड़ कर दूर तक जा गिरे। वहीं, कपास की फसल में मिट्टी चढ़ने से पूरी तरह से जल गई। पेड़ गिरने से अनेक मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। बिजली निगम की ओर से क्षेत्र में अनेक गांवों की बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई लेकिन मंढोली, सुधीवास व गरवा गांव की बिजली सप्लाई शुक्रवार को भी चालू नहीं हो सकी। निगम अधिकारियों ने बताया कि सभी लाइनों पर काम चालू है।
दीवार गिर के नीचे दबने 5 बकरियां की मौत
तोशाम। वीरवार को देर शाम आई आंधी से तोशाम क्षेत्र में बिजली निगम के 240 पोल टूट गए। इससे इलाके में बिजली बाधित रही। तोशाम कस्बे में रातभर रहा बत्ती गुल रही। 20 गांवों व तोशाम के कुछ इलाके को छोड़कर सभी जगह बिजली सप्लाई सुचारू हो गई। खेतों की बिजली सुचारू होने में समय लगेगा।
खरकड़ी निवासी बलजीत सिंह की दुकानों के आगे लगे टीन के शेड गिर गया। इसके कारण बलजीत सिंह को लाखों रुपये का नुकसान हो गया। पटौदी कलां निवासी बलवंत सिंह का आंधी में बकरियां बांधने के लिए बनाया गया बाड़ा की दीवार गिर गई। इससे दबने के कारण 5 बकरियां मर गईं। भारीवास निवासी किसान समुन्द्र, सज्जन, मनीराम व कृष्ण ने बताया कि आंधी के कारण उनकी नरमा की फसल जल गई। किसानों के खेतों में खड़े पेड़ ही गिर गए। दोपहर बाद चनाना, भुरटाना, अलखपुरा, दांग, डाडम, खरकड़ी सौहान, रिवासा, दुल्हेड़ी सहित अन्य 20 से ज्यादा गांव में बिजली सुचारू नहीं हो पाई थी।
बुधवार को आई तेज आंधी तूफान से टूटे करीब बिजली के 100 पोल
ढिगावा मंडी। ढिगावा क्षेत्र में बुधवार को देर सांय तेज आंधी तूफान के कारण बिजली निगम के करीब 100 से अधिक बिजली के पोल टूटे हैं। तेज आंधी से विभाग को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है।
बिजली विभाग के एसडीओ नारायण प्रकाश ने बताया कि ढिगावा बिजली बोर्ड के नीचे लगभग 63 गांव व बड़ी ढाणियां आती है। अब तक 60 गांव की बिजली सुचारू रूप से चला दी गई है। वहीं सभी फीडर सुचारू रूप से चलने में कम से कम तीन से चार दिन का समय लगेगा। बिजली कर्मचारी बुधवार रात को 10 बजे से ही अपने काम में लग गए थे। ज्यादा पोल टूटे हुए हैं। वहां दो-तीन दिन का समय लगेगा बिजली सुचारू रूप से चला दी जाएगी।