भिवानी। लगातार चौथे दिन बारिश से व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रही है। पिछले 36 घंटे में 65 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं सड़कों, गलियों के साथ घरों में भी बारिश का पानी घुस गया है। वहीं शनिवार को शाम पांच बजे तक 35 एमएम बारिश हुई। खेत भी पानी से लबालब है।
बारिश से किसान कहीं चिंतित है तो कहीं खुश। कपास, बाजरा की फसल को लेकर किसान चिंतित है वहीं अगली फसलों की बुआई को लेकर किसान खुश है। रात को जिलेभर में मेघा जमकर बरसे। शनिवार दोपहर बाद भी झमाझम अच्छी बारिश हुई। बारिश से बवानीखेड़ा के गांव जताई में पशु बाड़े की दीवार गिर गई। शहरी क्षेत्र में बिजली के तीन खंभे टूटकर गिरने रातभर शहर की अनेक कॉलोनियों में बिजली बाधित रही।
पिछले चार दिन से बारिश का सिलसिला चल रहा है। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे जिलेभर में तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक तेज बारिश के बाद बूंदाबांदी का सिलसिला चला। शनिवार सुबह बारिश के बाद दोपहर बाद करीब पौने चार बजे तेज बारिश हुई, जो कि करीब आधे घंटे तक चली। रात की बारिश आफत बनी। सड़कें पानी से लबालब हो गई तो शहर के निचले इलाकों में इतना जलभराव हुआ कि घरों में भी घुस गया। शहर ही नहीं कैरू क्षेत्र, तोशाम क्षेत्र के गांवों में भी अत्यधिक जलभराव लोगों के लिए परेशानी बना। रात को लोगों को ट्रैक्टर के माध्यम से घरों में घुसा पानी निकालते देखा गया। शनिवार को भी लोग जलभराव से परेशान रहे।
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खेत लबालब, किसान चिंतित
पहले किसानों को कपास और बाजरा की फसल की चिंता सता रही थी। मगर अब काफी क्षेत्र के किसानों को अगली फसलों की भी चिंता सता रही है। दरअसल खेत पानी से लबालब है। मुंढाल, बवानीखेड़ा क्षेत्र में तो पहले ही खेतों से पानी नहीं निकला था और बारिश के बाद अब हालात और ज्यादा बदत्तर हो गए हैं। वहीं लोहारू, बहल, तोशाम, ढिगावा, जूई क्षेत्र के किसान अगली फसलों, गेहूं, जौ, सरसों को लेकर खुश है और अब बेहतर तरीके से बुआई हो सकेगी। किसानों को अब सिंचाई की जरूरत नहीं रहेगी। जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का फायदा हुआ है।
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बिजली गुल, लोग परेशान
रात को आई बारिश शहरी और ग्रामीण सभी जगह आफत बनी। शहर क्षेत्र में तीन खंभे टूटने से अनेक क्षेत्रों की बिजली गुल रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव के कारण अनेक जगह बिजली का लंबा कट लगा। कारण था करंट की आशंका। इस कारण काफी जगह तो अल सुबह ही बिजली बहाल हो पाई।
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गांव जताई में पशु बाड़े की छत गिरी
बवानीखेड़ा के गांव जताई में ग्रामीण नारद मुनि के पशु बांधने वाले बाड़े की छत गिर गई। नारद मुनि ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और वह भैंस रखकर घर चलाता है। उन्होंने पशुओं के लिए एक कमरा बना रखा था। रात को इस कमरे की छत गिर गई। गनीमत रही कि रात को पशु इसके अंदर बांधने की बजाए बाहर खुले में बांधे थे, वरना हादसा बड़ा हो सकता था। ग्रामीण ने बताया कि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि दोबारा बना सके। उसने जिला प्रशासन से आर्थिक सहयोग की मांग की।