भिवानी। बेमौसम बारिश की मार किसानों पर ही नहीं बल्कि उनकी कड़ी मेहनत से तैयार की गई फसल पर भी पड़ रही है। बेमौसम बारिश से भिवानी की चारा मंडी में फिर से खुले में पड़ी सरसों भीग गई। चारा मंडी के प्लेटफार्म पर बारिश का पानी जमा हो गया। इसके अंदर सरसों की ढेरियां भी पानी से तरबतर हो गईं।
हैफेड अधिकारियों के अनुसार अभी चारा मंडी में करीब 55 हजार क्विंटल से अधिक सरसों पड़ी है। वहीं बारिश के बाद उठान भी धीमा हो गया। इसे आढ़तियों की लापरवाही कहें या फिर किसी गड़बड़ी की आशंका। बेमौसम बारिश में कई बार भीग चुकी सरसों भी गुणवत्ता खो चुकी है। अब इस सरसों में तेल नहीं बल्कि खल ही निकल सकती है।
भिवानी की चारा मंडी में सीजन के दौरान किसानों से करीब तीन लाख से अधिक सरसों के बैग खरीद किए गए हैं। इनमें से अब तक करीब दो लाख 30 हजार सरसों बैग का उठान हैफेड अधिकारी करा चुके हैं। नैफेड के गोदाम फूल होने के बाद हैफेड अब सरसों को अपने गोदामों में लगा रहा है। हालांकि ये गोदाम भी सरसों की फसल खरीद के आगे अब छोटे पड़ चुके हैं। इसके बाद सरसों अब नए ठिकानों पर भी लगाई जा रही है।
खरीद सीजन के बाद तीन से चार बार बेमौसम बारिश खुले में पड़ी सरसों को भीगा चुकी है। हालांकि नोतपा के दूसरे दिन भी शुक्रवार को ज्यादा धूप नहीं खिली, इस वजह से वीरवार शाम को हुई बारिश में भीगी सरसों सूख नहीं पाई। आढ़तियों ने भी चारा मंडी में भीग रही सरसों को बचाने के लिए कुछ खास कदम नहीं उठाए। कुछ हिस्से में तिरपाल ढका वो भी हवा से उड़कर दूर जा गिरे। जिस सरसों की भराई हो चुकी थी वह भी बारिश के पानी में डूबकर भीग गई। अब उसे सुखाने के बाद फिर से झराई और भराई के भी अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं।
भिवानी की चारा मंडी में फिलहाल 55 हजार क्विंटल सरसों का उठान होना बाकी है। उठान भी चल रहा है, मगर बारिश की वजह से धीमा हो गया है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सरसों का उठान कराया जाए। जो सरसों बारिश में भीगी है, उसकी फिर से झराई के बाद भराई कराई जाएगी।
- नवीन कुमार, परचेजर, हैफेड चारा मंडी भिवानी।