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Bhiwani News: 12 साल से सरकारी स्कूल में पड़ीं 50 नई साइकिलें बन गईं कबाड़

Sat, 09 Sep 2023 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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बवानीखेड़ा के मॉडल संस्कृति स्कूल में कबाड़ बनी साइकिलें। 
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भिवानी। घर से स्कूल तक का सफर आसान करने के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं के लिए सरकार ने साइकिल योजना शुरू की थी। योजना तो बंद हो गई, मगर 12 साल से बिना इस्तेमाल के ही नई साइकिलें भी कबाड़ में तबदील हो गईं। इसे लापरवाही कहें या फिर अव्यवस्था।
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जिन छात्राएं के लिए ये साइकिलें आईं वे छात्राएं पैदल ही घर से स्कूल तक की दूरी नापते रहे, मगर ये नई साइकिलें 12 सालों से एक जगह से हिली तक नहीं। इस वजह से इनके टायर ट्यूब खराब हो गए और कलपुर्जे भी जंग खाकर जाम हो गए। हम बात कर रहे हैं बवानीखेड़ा के मॉडल संस्कृति विद्यालय की। जहां 50 नई साइकिलें 12 साल से कबाड़ में पड़ी हैं।

बवानीखेड़ा के मॉडल संस्कृति विद्यालय में 2012 और 2019 में दो प्राचार्यों ने भी कमान संभाली। इन प्राचार्यों के विद्यालय में आने से पहले ही ये साइकिलें यहां रखी थीं। अचरज की बात तो यह भी है कि इन साइकिलों का विद्यालय में कोई रिकाॅर्ड तक नहीं है। इनका रिकाॅर्ड कब गायब हुआ या इन्हें यहां कौन लाया इसका भी कुछ नहीं पता। विद्यालय प्रशासन भी दो से तीन बार खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इन साइकिलों को यहां से ले जाने के संबंध में अनुरोध पत्र लिख चुका है।
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स्कूल के अंदर इन साइकिलों ने काफी क्षेत्र घेर रखा है। इसकी वजह से बच्चों के भी यहां इनसे चोटिल होने का भय बना रहता है। वहीं इस जगह को भी बच्चों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।



स्कूली छात्राओं के लिए आई थीं नई साइकिलें

हरियाणा सरकार ने काफी साल पहले दो किलोमीटर दूर से स्कूल आने वाली छात्राओं के लिए नई साइकिलें विभाग की ओर से उपलब्ध कराने की योजना चलाई थीं। इस योजना के तहत हजारों बच्चों को साइकिलें भी मिली और खंड स्तर से संबंधित विद्यालयों में छात्राओं की डिमांड के हिसाब से साइकिलें भी भेजी गईं। मगर इन साइकिलों को संबंधित छात्रों को क्यों नहीं दिया गया, ये भी जांच का विषय था, मगर जांच तो तब होती जब इन साइकिलों का स्कूल के अंदर कोई रिकाॅर्ड मौजूद रहता। जिन पात्र छात्राओं को ये साइकिल मिलनी थी, शायद वे अब स्कूली शिक्षा भी पूरी कर चुकी होंगी। मगर इन लाखों रुपयों के बजट से खरीद की गई साइकिलों को बिना इस्तेमाल के ही कबाड़ में बदल जाना व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।



ये बोली विद्यालय की प्राचार्या

मॉडल संस्कृति राजकीय विद्यालय बवानीखेड़ा की प्राचार्या प्राचार्य संतोष भाकर ने बताया कि वह दिसंबर 2019 में यहां बतौर प्राचार्या कार्यरत हैं। स्कूल में लगभग 50 साइकिलें पड़ी हुई हैं। उनके यहां आने के बाद दो से तीन बार खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को साइकिल उठान को लेकर दो से तीन बार लिखित में शिकायत देकर विभाग को अवगत कराया जा चुका है। स्कूल के अंदर साइकिलों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। मेरे से पहले के प्राचार्य सिलक राम शर्मा से भी मैंने इस मामले के बारे में बातचीत की तो उन्होंने बताया कि मेरे कार्यकाल शुरू होने से पहले यह साइकिलें स्कूल परिसर के अंदर रखी हुई है। प्राचार्य संतोष भाकर ने बताया कि लगभग 12 साल के करीब इन साइकिलों को स्कूल परिसर के अंदर बीत चुका है।
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