भिवानी। जिला मुख्यालय की मंडी में किसानों की फसल के साथ आवक तेज हो गई है। शुक्रवार को भिवानी मंडी में 3800 क्विंटल सरसों की आवक हुई। लेकिन हैफेड ने 3600 क्विंटल सरसों की सरकारी खरीद कराई। मंडी में करीब 75 फीसदी खरीद हो चुकी सरसों के कट्टों का भी उठान कराया गया।
मंडी में अब फसल निकालने के साथ किसान गेहूं की फसल लेकर भी पहुंचना शुरू हो गए हैं। ऐसे में सरसों की खरीद के लिए चारा मंडी में व्यवस्था कराई जा रही है। चारा मंडी में शेड का इंतजाम नहीं है, ऐसे में किसानों को खुले आसमान के नीचे ही अपनी सरसों रखनी पड़ेगी। अगर बेमौसम बारिश फिर से हुई तो किसानों की फसल खराब होने का खतरा भी बना रहेगा। हालांकि आढ़तियों को तिरपाल की व्यवस्था के निर्देश हैं, मगर तिरपाल के सहारे सरसों की फसल का पूरी तरह से बचाव संभव नहीं है। गेहूं की आवक के दौरान मंडी में शेड भी कम पड़ जाते हैं। फिलहाल भिवानी मंडी में तीन शेड बने हैं। जिसमें अधिकांश में तो खरीद हो चुकी फसल ही रखी रहती है। मंडी आने वाले किसानों को खुले प्लेटफार्म पर ही अपनी फसल की ढेरी लगानी पड़ती है। गेहूं की सरकारी खरीद की अभी कोई सुगबुगाहट नहीं है।
शेड्यूल के हिसाब से तो तीन दिन हैफेड और तीन दिन फूड सप्लाई द्वारा गेहूं खरीद के निर्देश हैं, मगर अभी तक अधिकारियों ने गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं कराई है। फिलहाल मंडी आने वाला गेहूं की गुणवत्ता पर भी संशय है, क्योंकि बेमौसम बारिश के दौरान अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल पकाव से पहले ही खेतों में बिछ चुकी थी। जिसकी किसानों ने जैसे तैसे कटाई कराकर कढ़ाई कराई और अब मंडी में पहुंच रहे हैं।
मंडी में सरसों की आवक लगातार तेज हो रही है। शुक्रवार को 3600 क्विंटल सरसों खरीदा गया है। फिलहाल हमारे पर चारा मंडी में सरसों खरीद को लेकर डीएम की तरफ से कोई निर्देश नहीं आए हैं। जैसे ही निर्देश आएंगे, उसी हिसाब से खरीद का कार्य कराया जाएगा।
- नवीन कुमार, परचेजर, हैफेड, नई अनाज मंडी भिवानी।