लोक अदालत में कैसो का निपटारा करते सीजेएम कपिल राठी।
भिवानी। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन व जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम कपिल राठी ने बताया कि शनिवार को जिला मुख्यालय के अलावा तोशाम, सिवानी व लोहारू न्यायिक परिसर में भी इस वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। सीजेएम कम सचिव कपिल राठी ने सभी कोर्टों में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अवलोकन किया।
सीजेएम कपिल राठी ने बताया कि इस आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भिवानी की लोक अदालत में रखे गए कुल 19387 में से 13756 मामलों का निपटारा किया गया तथा 52216702 रुपये की कुल राशि का निपटान किया गया। जो कि लोहारू में 185 में से 141, तोशाम में 160 में से 59, सिवानी में 182 में से 111 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान की एक प्रणाली है। जो भारत में बदलते समय के साथ एक प्रणाली के रूप में स्थापित हुई है। लोक अदालतें न केवल लंबित विवाद या पार्टियों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों को सुलझाती हैं, बल्कि यह सामाजिक सद्भाव को भी सुनिश्चित करती है। क्योंकि विवाद करने वाले पक्ष अपने मामलों को अपनी पूर्ण संतुष्टि के साथ सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाते हैं। इससे अदालतों के लंबित मामलों में कमी आती है। अपील और संशोधन के रूप में आगे की कार्यवाही को भी समाप्त कर पक्षों की सहमति से मामलों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है और त्वरित और प्रभावी तरीके से न्याय दिलाने के लिए उन्हें उपलब्ध कराया जाता है। विवाद के निपटारे के अलावा, पक्षकारों को मामलों की उनके द्वारा भुगतान की गई अदालती फीस की वापसी का लाभ होता है।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कपिल राठी ने कहा कि लोक अदालत में आपराधिक मोटर वाहन दुर्घटना, पारिवारिक मामले, चालान, बैंक ऋण, दीवानी मामले, चेक बाउंस, राजस्व आदि से संबंधित मामले रखे गए। इस दौरान प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश ने बताया कि जिला मुख्यालय पर प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट भिवानी जयवीर सिंह सिंधू, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रमजीत अरोड़ा, एसीजेएम भिवानी आशीष कुमार शर्मा, सीजे-जेडी-कम-जेएमआईसी भिवानी अंतरप्रीत सिंह, सीजे-जेडी-कम-जेएमआईसी भिवानी हार्दिक सचदेवा, एसीजे-एसडी-कम-एसडीजेएम सिवानी सुनील कुमार-चतुर्थ, सीजे-जेडी-कम-जेएमआईसी लोहारू हिमांशु जांगड़ा तथा सीजे-जेडी-कम-जेएमआईसी तोशाम संतोष आदि की कोर्टों में मामले रखे गए। इस दौरान दोनों पक्षों के अभिवक्तागण, पैनल अधिवक्तागण, पैरा लीगल वालंटियर भी मौजूद रहे।