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Bhiwani News: जूई मंडी में 75.95 लाख कीमत की 1224 क्विंटल सरकारी सरसों का गबन

Thu, 17 Oct 2024 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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अमर उजाला में प्रका​शित खबर।
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भिवानी। जूई मंडी में किसानों से खरीद की गई 75.95 लाख रुपये कीमत की 1224 क्विंटल सरकारी सरसों के गबन का मामला सामने आया है। हैफेड के जिला प्रबंधक की शिकायत पर जूई मंडी के एक फर्म संचालक आढ़ती के खिलाफ सरकारी सरसों के गबन सहित धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है।
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दरअसल, अमर उजाला ने 29 मई को सरसों की सरकारी खरीद के दौरान जिले की कई मंडियों में 55 हजार क्विंटल से अधिक सरसों गायब होने का मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। हालांकि कई मंडियोें में खरीद पूरी होने के बाद भी आढ़तियों ने जैसे-तैसे कर सरसों की घटती की पूर्ति करा अपना पीछा छुड़ा लिया था, लेकिन जूई मंडी में लाखों कीमत की सरसों किसानों से खरीदी तो गई लेकिन सरकारी गोदाम तक नहीं पहुंची। इसी मामले में अब एफआईआर दर्ज हुई है।
हैफेड के जिला प्रबंधक पुनीत पंघाल ने जूई कलां पुलिस थाना में दी शिकायत में बताया कि हैफेड हरियाणा सरकार की खरीद एजेंसी है। सरकार की हिदायतों के अनुसार किसानों से एमएसपी पर आढ़तियों के माध्यम से सरसों की खरीद की गई थी। जूई मंडी में 30 मार्च से 18 मई तक सरकारी खरीद की गई। हैफेड की ओर से जूई मंडी में सोसाइटी के जरिये रामप्रताप संजय कुमार जूई आढ़ती के माध्यम से कुल 36214.20 क्विंटल सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य 5650 रुपये पर खरीद की गई थी। किसानों से खरीदी गई सरसों को हैफेड के गोदामों में भंडारण के लिए भेजा जाना था। सरसों खरीद प्रक्रिया (उतरवाई, झराई, भराई, उठान और घटती) की सारी जिम्मेदारी आढ़ती की होती है।
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हैफेड की ओर से रामप्रताप संजय कुमार आढ़ती के माध्यम से खरीदी गई सरसों (36214.20 क्विंटल) की अदायगी किसानों के खातों में शुद्ध वजन (शुद्ध वजन 45 किलोग्राम प्रति बैग) के अनुसार ई-खरीद पोर्टल की ओर से कर दी गई। लेकिन आढ़ती ने जूई मंडी की 1224 क्विंटल सरसों हैफेड के भंडार गृह में नहीं पहुंचाया। इसकी कीमत 7595072 रुपये बनती है।
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खरीद के दौरान मंडी में सामने आई थी गड़बड़ी
जिले की मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद के दौरान गड़बड़ी उजागर हुई थी। अमर उजाला ने सरकार की खरीदी 55 हजार क्विंटल सरसों गायब शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया था। इसमें यह बात सामने आई थी कि किसानों की सरसों बिक्री के गेट पास कटा दिए गए लेकिन ये सरसों मंडी तक आई ही नहीं, आई तो उसे सरकारी गोदाम तक नहीं पहुंचाया गया, जबकि सरकार की तरफ से संबंधित किसानों के खातों में ई खरीद पोर्टल के माध्यम से सरसों की राशि का सीधा भुगतान करा दिया। सरकारी सरसों के गबन से सरकार को मोटा चूना लगाया गया।

जूई मंडी में रामप्रताप संजय कुमार आढ़ती की ओर से सरकारी खरीद की गई 1224 क्विंटल सरसों को गोदाम में जमा नहीं कराया गया है। जिसकी कीमत 7595072 रुपये बनती है। आढ़ती को काफी बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन किसी का भी संतोषजनक जवाब नहीं आया। इस मामले में संबंधित आढ़ती के खिलाफ सरकारी सरसों गबन मामले में जूई कलां पुलिस थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। गबन की गई सरसों को भी सरकारी गोदाम में जमा कराया जाएगा।
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-पुनीत पंघाल जिला प्रबंधक हैफेड भिवानी।
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