हरियाणा में बाल भवन स्कूल भिवानी में चार साल पहले प्रिंसिपल रही वर्षा सांगवान की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को अधिवक्ता पुलिस अधीक्षक से मिले। प्राचार्या फिलहाल तोशाम आरोही स्कूल में कार्यरत हैं और उन पर बाल भवन स्कूल में एक प्राध्यापिका को प्रताड़ित करने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को प्राचार्या को पूछताछ के लिए तलब भी किया था।
शिकायतकर्ता एडवोकेट राजनारायण पंघाल ने बताया कि आरोपी प्रिंसिपल वर्षा के खिलाफ शिकायत के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने जमानती धाराओं में ही मामला दर्ज किया। उन्होंने लिखित शिकायत करते हुए मामले में आईपीसी की धारा 468 जोड़ने की भी मांग की। पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने इस मामले में वकीलों के प्रतिनिधिमंडल को निष्पक्ष रूप से उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि यह मामला एसएफएल मधुबन की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया इसलिए किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस जालसाजी में जुड़े अन्य आरोपियों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
एसपी से मुलाकात करने वालों में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सोहनलाल मक्कड़, ऑल इंडिया बार एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सोढ़ी, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बजाड़, बार उपाध्यक्ष मुकेश गुलिया, बार सचिव नरेंद्र परमार, पूर्व सचिव पवन परमार, पूर्व उपाध्यक्ष अजय वर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अविनाश सरदाना, ओमपाल पोटलिया, कृष्ण भाटिया, चंद्रपाल चौहान, जयप्रकाश तंवर शामिल थे।
प्राचार्या ने आरोपों को बेबुनियाद बताया
प्राचार्या वर्षा सांगवान ने बताया कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने किसी प्राध्यापिका को प्रताड़ित नहीं किया। उन्होंने यह भी माना कि पुलिस ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया था।