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Ambala News: स्वावलंबन से सशक्त होगी नारी

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अंबाला छावनी के आर्य गर्ल्स काॅलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबो​धित
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अंबाला। अंबाला छावनी के आर्य गर्ल्स कॉलेज में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तहत अपराजिता कार्यक्रम में प्रवक्ता डॉ अनीता गोदारा ने बताया कि स्वावलंबन से नारी सशक्त हो सकती है और जीवन में हर मुकाम हासिल कर सकती है। इसके लिए हौसले व परिवार के सहयोग की जरूरत है।
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उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकारी नौकरी के लिए तो प्रत्येक व्यक्ति कोशिश करता है, लेकिन स्वावलंबन की तरफ सिर्फ ऐसी ही महिला कदम बढ़ाती है ,जो अपने दम पर समाज में एक प्रतिष्ठित स्थान हासिल कर सके। इससे वह नौकरी पर आश्रित न रहकर स्वरोजगार में कुशल हो जाती हैं और दूसरों के लिए भी एक प्रेरणा स्त्रोत बन जाती हैं।
उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वावलंबन ही एकमात्र सीढ़ी है। इसलिए स्कूल स्तर से ही इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस दौरान कार्यक्रम में छात्राओं ने भी बताया कि किस प्रकार से महिलाएं स्वावलंबी हो सकती हैं।
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नारी ने देश-विदेश में कमाया नाम
डॉ.अनु वर्मा ने बताया कि हमें आत्मनिर्भर रहना चाहिए। बचपन से परिवार भी ऐसी शिक्षा दें। आज के समय में छात्राएं पढ़ लिखकर विदेश में नाम कमा रही हैं। साथ ही अपना व अपने देश का नाम रोशन कर रही हैं।

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छात्रा सिखा रही कोरियोग्राफी
अंबाला छावनी निवासी डिंपी ने बताया कि वह बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा है। वह पढ़ाई के साथ-साथ कोरियोग्राफी भी करती हैं।स्कूलों में होने वाले वार्षिक उत्सवों के लिए बच्चों को कोरियोग्राफी सिखा भी रही है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह ही स्वावलंबन है, जो समाज में पहचान दे रहा है।

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कला के साथ-साथ दे रही ट्यूशन
अंबाला सिटी निवासी शोभा ने बताया कि वह एमकॉम में प्रथम वर्ष की छात्रा है और वह छह साल से चित्रकारी कर रही हैं। इसके साथ ही छठी कक्षा से 12 कक्षा के विद्यार्थियों को ट्यूशन भी देती हैं। यह कार्य उन्हें एक अलग सम्मान दिलाता है।
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अपने खर्चे से परिवार की भी कर रहीं मदद
नन्हेडा निवासी सान्या खातून ने बताया कि वह बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और वह अपने घर पर तीन साल से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को ट्यूशन पढ़ा रही हैं। यह कार्य उन्हें अपने साथ-साथ परिवार की मदद करने का भी मौका देता है।
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खुद के पैरों पर खड़े होने से मिलता है सम्मान
कोड़वा खुर्द निवासी शरणदीप कौर ने बताया कि वो बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। जब दसवीं कक्षा में थीं तब उसने सिलाई सीखी थी। अब वह दो साल से लड़कियों को सिलाई सिखा रही हैं। खुद के पैरों पर खड़े होना सम्मान का अहसास कराता है।
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