अंबाला छावनी में आयाेजित साहित्यिक गोष्ठी में मौजूद साहित्य सुरभि मंच की महिला सदस्य। प्रवक्ता
साहित्य सुरभि मंच की साहित्यिक गोष्ठी में महिलाओं ने रखे विचार
अंबाला। साहित्य सुरभि मंच की ओर से छावनी के निजी रेस्तरां में रविवार साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसकी शुरुआत संगीता सूद ने वर्षा ऋतु के सौंदर्य को महाभारत के प्रसंग से जोड़कर की। डॉ. भारती बंधु ने एक मधुर हरियाणवी गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। डॉ. अनुपमा आर्य ने अपनी दिवंगत मां की सुखद स्मृतियों को समर्पित भावुक कविता से श्रद्धांजलि दी। रुचि शर्मा ने मां को जीवन का सर्वश्रेष्ठ वरदान बताने के साथ-साथ पिता को मौन रहकर भी अमूल्य वरदान बताया और समाज हित में कुछ बेहतर करने की प्रेरणा दी। वहीं, मंजू नांदरा ने प्रकृति को सबसे बड़ा शिक्षक बताया व वहीं पूनम खुराना ने त्याग, समर्पण, संतोष और सहनशीलता को जीवन का सबसे बड़ा आभूषण बताते हुए अपना लेख पढ़ा। गुरुग्राम से पधारी सुशील आनंद ने वर्षा ऋतु का गीत गाकर नई मिट्टी की भीनी खुशबू का अहसास कराया। इंदु गुप्ता ने द्रौपदी-कृष्ण संवाद पर आधारित कविता प्रस्तुत की, जिसमें उनके अटूट विश्वास और प्रेम के बंधन को दर्शाया गया। यह साहित्यिक गोष्ठी डॉ. शशी धमीजा की अध्यक्षता और विजय गुप्ता के निर्देशन में आयोजित की गई। संवाद