अंबाला सिटी। करवा चौथ की खरीददारी को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह है। सिटी कपड़ा मार्केट की मुख्य दुकानें वीरवार को छुट्टी के बाद भी खुली रही और महिलाएं करवा चौथ के व्रत के लिए खरीददारी करती नजर आई। इस बार पति- पत्नी की फोटो और नाम वाले चूड़े अधिक चलन में हैं। इसके अलावा वाटर कलर वाले कड़े भी महिलाओं को खूब भा रहे हैं।
महिलाएं अपने पति के नाम और फोटो वाले चूड़े बनवा रही है। इसके साथ ही दुल्हन पालकी, जयमाला डिजाइन और कांच की चूड़ियां भी खरीदी जा रही हैं। नाम और फोटो वाले चूड़े बाजार में 700 से लेकर 1700 रुपये तक बिक रहे हैं। वहीं दुल्हन पालकी और जयमाला वाले चूड़े 500 से लेकर 800 रुपए तक बिक रहे हैं। अंबाला के बाजारों में त्योहारों के चलते हरियाणा, पंजाब और हिमाचल से भी ग्राहक सामान लेने पहुंच रहे हैं। अधिकतर छोटे दुकानदार अंबाला से चूड़ियां व अन्य सामान अपने क्षेत्र में बेचने के लिए लेकर जाते हैं।
गुजरात और मुंबई की चूड़ियों का भी चलन
चूड़ी विक्रेता मास्टर जी ने बताया कि अंबाला में फिरोजाबाद से कांच की चूड़ी, जयपुर से लाख की चूड़ियां, गुजरात से रजवाड़ी चूड़ियां और मुंबई से भी फैंसी चूड़ियां आती हैं। इस बार चूड़ियाें में कांच में जरकन काम, रजवाड़ी स्टाइल सबसे ज्यादा मांग में है। इसके साथ ही फिरोजाबादी कांच की चूड़ियां भी व्रत के लिए खरीदी जाती है। कांच की चूड़ियां 50 से शुरू होकर 150 रुपये तक बिक रही हैं। वहीं सावरी की चूड़ियां भी बिक रही हैं।
वॉटर कलर वाले कड़ों की भी खूब मांग
इस बार बाजार में नग वाले लाख के कड़ों के साथ- साथ फैंसी वाटॅर कलर कड़े भी खूब मांग में चल रहे हैं। यह कड़े बाजार में 250 रुपए से शुरू होकर 300 रुपए तक बिक रहे हैं। यह कड़े दिल्ली और जयपुर से आते हैं। इनमें स्टोन, पोलकी और मोती कड़ा भी शामिल है। इन कड़ों के साथ महिलाए अपनी ड्रैस के अनुसार सेट बनवाती है।
चूड़ी लेने पंजाब से अंबाला पहुंची
पंजाब के जीरकपुर से आईं साक्षी ने बताया कि अंबाला में हर प्रकार की चूड़ियां और कड़े मिल जाते हैं। इसलिए वह हर साल यहीं से खरीददारी करने के लिए आती है। इसके साथ ही शादियों के लिए भी वह अंबाला से ही खरीदारी करती है।
परिजनों के लिए भी खरीदी चूड़ियां
पटियाला से आईं इशिका ने बताया कि वह उनके यहां पर कुंदन और जरकन की चूड़ियों का चलन अधिक है। इसलिए वह अपने परिवार वालों और अन्य पहचान वालों के लिए चूड़ियां लेने के लिए अंबाला आई है।