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देशभर में कलश यात्रा और शहीदी समागम कराएंगे : सरवन सिंह पंढेर

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अंबाला। अंबाला-दिल्ली नेशनल हाईवे स्थित मोहड़ा अनाजमंडी में रविवार को श्रद्धांजलि समागम की शुरुआत शुभकरण की याद में दो मिनट का मौन रखकर की गई। समागम में हरियाणा और पंजाब से किसान संगठनों के नेता पहुंचे। इस दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि शुभकरण का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। देशभर में कलश यात्रा और शहीदी समागम करवाएंगे। उधर, कार्यक्रम को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। समागम स्थल से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर पुलिस की तरफ से एहतियातन फोर्स के अलावा वाटर कैनन सहित दमकल विभाग की गाड़ियां तैनात की गई थी। इस दौरान किसानों को समागम में जाने से नहीं रोका गया।
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समागम में किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि शंभू बार्डर पर किसानों का मोर्चा इसी तरह से चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव में भी भाजपा गठबंधन का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध किया जाएगा। अब गांवों में किसानों की ओर से भाजपा नेताओं से सवाल किया जाएगा कि हमारे शुभकरण को क्यों शहीद किया। शांति पूर्ण प्रदर्शन के दौरान हमारे रास्ते क्यूं रोके गए। उधर, भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय प्रधान अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है। अगर किसान नहीं जागे तो एक दिन किसानों के खेतों में कॉरपोरेट घरानों के ट्रैक्टर चलेंगे और उनको मजबूरन मजदूरों की तरह दिहाड़ी के लिए खड़ा होना पड़ेगा। ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए किसानों को जागना होगा। समागम में हरियाणा और पंजाब के किसानों के साथ-साथ महिलाएं और बच्चों ने भी शिरकत की। इससे पूर्व समागम में पहुंचे अस्थि कलश को नरवाना ब्रांच नहर में विसर्जित किया गया।
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हमारी ओर से रास्ता बिल्कुल नहीं बंद, जब तक सरकार बिठाएगी बैठेंगे : पंढेर

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने शंभू बॉर्डर बंद करने पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि उनकी ओर से रास्ता बिल्कुल भी नहीं बंद। आज सरकार खोल दे उन्हें, आज जाने दे। जब तक सरकार उन्हें बिठाएगी, तब तक वह बैठेंगे। उन्होंने कहा कि प्याऊ माजरा के बाद मोहड़ा मंडी में दूसरा बड़ा समागम है। उन्होंने कहा कि समागम में हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने दिखा दिया है कि यह केवल पंजाब का नहीं, बल्कि पूरे देश का आंदोलन है। देश के किसान व मजदूर के हित में लड़ा जा रहा है।
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शंभू बार्डर पर हार्ट अटैक से एक और किसान की मौत, फौज से था सेवानिवृत्त
अंबाला। शंभू बार्डर पर किसानों के धरने में रविवार की सुबह एक और किसान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि अचानक तबियत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों की ओर से प्रथमदृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। मृतक की पहचान दया सिंह-71 निवासी अमृतसर पंजाब के रूप में हुई। वे सेना से सेवानिृत्त थे और गांव में 10 बीघे जमीन पर खेतीबाड़ी करते थे। फिलहाल वे शंभू बार्डर पर किसान आंदोलन में सक्रिय थे।
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