अंबाला। सड़क का स्तर एक समान नहीं होने से जलभराव की समस्या हो रही है। ऊंची गलियों से तो पानी निकल रहा है, लेकिन ये पानी निचले लेवल की गलियों में जमा हो रहा है। ऐसे हालात पूरे छावनी क्षेत्र में देखे जा सकते हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसी ही परेशानी पिछले कुछ वर्षों से टांगरी बांध के नजदीक बसे औद्योगिक क्षेत्र के नजदीक स्थित कॉलोनियों के वासियों को झेलनी पड़ रही है। इसमें अर्जुन नगर सहित न्यू कॉलोनी के हालात सबसे बदतर हैं। हल्की बरसात होने पर ही यहां जलभराव हो जाता है और फिर बारिश रुकने के दो-दो दिन तक जलभराव खत्म नहीं होता। इस समस्या के समाधान के लिए स्थानीय लोग प्रशासनिक स्तर पर और नगर परिषद कार्यालय में जाकर शिकायत भी दे चुके हैं, बावजूद इसके समस्या समाधान को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही।
अर्जुन नगर निवासी कमल कांत शर्मा सहित अन्य ने बताया कि उनके आसपास की सभी गलियां ऊंची हैं। इस कारण इन गलियों का पानी उनकी गली में आ जाता है और इससे जलभराव हो जाता है। इसी प्रकार न्यू कॉलोनी के वासी जसविंदर सिंह सहित अन्य ने बताया कि उनकी गली में भी ऐसी ही समस्या है। आसपास की सभी गलियां उनकी गली से ऊंची हो गई हैं। इस कारण उनकी गली काफी नीचे रह गई है। बारिश के दिनों में यह गली तालाब का रुप धारण कर लेती है और बारिश का पानी घरों में भी घुस जाता है।
पानी निकासी को लेकर भी कोई उचित प्रबंध नही है। उन्होंने गली को ऊंचा करने के लिए कई बार लिखित और मौखिक तौर भी गुहार लगाई, लेकिन न तो किसी प्रशासनिक अधिकारी ने और न ही नगर परिषद की तरफ से किसी ने आकर समस्या देखने की कोशिश की। यही कारण है कि पिछले वर्ष जुलाई में आई बाढ़ में उनका लाखों का सामान खराब हो गया था और सरकार से मदद के नाम पर कुछ भी नहीं मिला।
बुजुर्ग बोले पाई-पाई जोड़कर बनाया आशियाना
अर्जुन नगर कॉलोनी में ही रहने वाले बुजुर्ग मदन लाल शर्मा ने बताया कि पाई-पाई जोड़कर एक छोटा आशियाना बनाया था ताकि आराम से जीवन कटेगा। लेकिन जलभराव की समस्या ने जीना मुहाल कर दिया है। कॉलोनी में पानी निकासी का प्रबंध न होने से हमेशा ऐसे हालात बन जाते हैं। अगर कुछ देर ओर बारिश हो जाती तो पानी घरों में घुसना तय था। मन करता है कि यहां से सब बेचकर दूसरी जगह चले जाएं, लेकिन इसमें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा और मानसिक परेशानी होगी, वो अलग।
वर्जन
टांगरी बांध के नजदीक कॉलोनी के लोग मिले थे। उनकी समस्या के समाधान को लेकर प्रयास चल रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है।
मंदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता, नप सदर।