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Ambala News: ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ेंगे पानी के टैंक, 2.24 करोड़ होंगे खर्च

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सतनाम सिंह
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अंबाला सिटी। जनस्वास्थ्य विभाग अंबाला शहर में पानी के टैंक को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से अभी एक ही टैंक जुड़ा है। सभी तीनों टैंक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ने पर शहर के 44 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
नरवाना ब्रांच नहर से पानी न आने पर भी आपात स्थिति में 10 से 15 दिन तक शहरवासियों को पानी मिल सकेगा। जिससे गर्मी होने व बिजली किल्लत के कारण उपभोक्ताओं को पानी की कमी से जूझना नहीं पड़ेगा। बिजली कट होने व नहर की सफाई होने पर नरवाना ब्रांच से पानी न मिलने पर भी इन टैंकों से शहर में सप्लाई हो सकेगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए करीब दो करोड़ 24 लाख की निविदा एजेंसी को जारी की है। जल्द ही प्रोजेक्ट को लेकर कार्य शुरू होगा। यहां बने तीनों टैंक में एक टैंक 1988, दूसरा टैंक 2014 और तीसरा टैंक 2018 में बना था।
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54 मिलियन लीटर पानी की रोजाना खपत

शहर में उपभोक्ता रोजाना करीब 54 मिलियन लीटर पानी की खपत करते हैं। नरवाना ब्रांच पर जनस्वास्थ्य विभाग की दो मोटर लगी है। यह मोटर रोजाना 22 घंटे तक चलती है। दोनों मोटर से रोजाना 52.80 मिलियन लीटर पानी टैंक तक सप्लाई होता है। अभी नरवाना ब्रांच से शहर में डायरेक्टर सप्लाई होती है। अगर किसी कारण से नरवाना ब्रांच से पानी नहीं आता तो एक ही टैंक ट्रीटमेंट से जुड़ा होने से शहर में पानी की सप्लाई एक तिहाई हो जाती है। कई कॉलोनियों में पानी भी गर्मी में पहुंचने में दिक्कत आती है। अब तीनों टैंक ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ने से शहर को पूरा पानी मिल सकेगा।

ट्रीटमेंट के बाद शहर में सप्लाई होता है पानी
जनस्वास्थ्य विभाग के शहर में तीन वाटर टैंक हैं। इन वाटर टैंक में दो नए और एक पुराना है। नरवाना ब्रांच से पानी आने के बाद शहर में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी ट्रीट होता है। नहर से टैंक में पानी आने के बाद ट्रीटमेंट के बाद शहर में सप्लाई होता है। मगर कई बार गर्मी में बिजली की किल्लत या नहर की सफाई होने से नरवाना ब्रांच से पानी की सप्लाई बंद हो जाती है तो शहर का पानी इन टैंकों पर ही निर्भर हो जाता है। अभी एक ही टैंक के ट्रीटमेंट से जुड़े होने के कारण शहर में पानी की सप्लाई एक तिहाई तक ही होती थी, लेकिन तीनों टैंक की आपस में कनेक्टिविटी होने से यह वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ेंगे। हर टैंक की क्षमता करीब तीन लाख गैलन है।
टैंक की मरम्मत पर खर्च होंगे 27 लाख
यहां बने सबसे पुराने पानी के टैंक का मरम्मत कार्य भी होगा। इस कार्य पर 27.38 लाख खर्च होंगे। इस टैंक की चार दिवारी बनाई जाएगी और नीचे की गंदगी को साफ भी किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य कार्य भी होगा। इसके लिए भी जल्द ही कार्य शुरू होगा।
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वर्जन
अभी एक ही पानी का टैंक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ा है। अब दो और वाटर टैंक ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़े जाएंगे। ट्रीटमेंट प्लांट से पानी के टैंक जोड़ने पर करीब दो करोड़ 24 लाख खर्च होंगे। इसके लिए एजेंसी को निविदा जारी कर दी गई है। यहां करीब डेढ़ करोड़ की मशीनरी लगेगी और सिविल वर्क भी होगा। इसके साथ ही चार जनरेटर भी लगाए जाएंगे। जल्द ही टैंक को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ने के लिए कार्य शुरू होगा। जिससे शहर को आपात स्थिति में 10 से 15 दिनों तक पानी मिल सकेगा। मशीनरी मंगवाने के लिए कार्य शुरू हो गया है।
कर्णबीर सिंह, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग अंबाला शहर।
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