ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए किसान।
नारायणगढ़। गन्ने के बकाया भुगतान के लिए सोमवार को किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर रोष जताया। किसानों ने लघु सचिवालय के सामने सरकार के पुतले फूंके। किसान नेताओं ने किसानों से 12 अगस्त के जल सत्याग्रह के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया।
किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि बरसाती सीजन में यदि किसी किसान को जानी या माली नुकसान हुआ तो इसका जिम्मेदार स्थानीय प्रशासन होगा। भाकियू टिकैत ग्रुप के युवा प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद की अगुवाई में विशाल ट्रैक्टर रोष मार्च निकाला। इस मार्च में सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टर शामिल थे। रोष मार्च की लंबाई इतनी थी कि मार्च में शामिल पहला ट्रैक्टर नारायणगढ़ पहुंच चुका था। अंतिम ट्रैक्टर अभी शुगर मिल पर ही था।
किसान नेता रवि आजाद खुद ट्रैक्टर चला कर मार्च की अगुवाई कर रहे थे। रवि आजाद ने कहा कि नारायणगढ़ शुगर मिल की तरफ किसानों के लगभग 23-24 करोड़ रुपए बकाया है। यही नहीं किसानों के नाम पर मिल ने क्रॉप लोन के नाम कर दो बैंकों से लगभग 25 करोड़ रुपए का लोन ले रखा है। जो अब बढ़कर 35 करोड़ से अधिक हो गया है।
किसान नेता ने स्थानीय प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह किसानों के प्रति हमदर्दी रखने वाले व किसानों व मिल का हित चाहने वाले अधिकारियों को तो मिल की पाॅलिसी बता कर जबरी रिटायर किया जा रहा है। जबकि किसान विरोधी रुख रखने वाले कुछ अधिकारियों पर प्रशासन व मिल प्रबंधन की नजरें इनायत हैं। उन्होंने कहा कि मिल बार-बार नीतियां बदल रहा है। मनमाने तरीके से अधिकारियों कर्मचारियों को अंदर बाहर करने में लगा है।