संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। भारतीय वायुसेना में तैनात वारंट आफिसर से साइबर ठगों ने आजीवन कारावास का भय दिखाकर ठगी की। साइबर क्राइम थाना आफ इंडिया व (यूआइडीएआइ) व मुंबई पुलिस का अधिकारी बनकर 13.56 लाख रुपये की ठगी की गई। बिहार के किरकिरी गांव निवासी हरेंद्र सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में वह एयरफोर्स स्टेशन अंबाला छावनी में वारंट आफिसर के पद पर कार्यरत हैं। 27 दिसंबर को सुबह उनके मोबाइल पर एक काल आई। काल करने वाले ने खुद को यूआइडीएआइ विभाग से आकाश मेनन बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल मुंबई के एक होटल में मनी लान्ड्रिंग केस में हुआ है और उन्हें उम्रकैद हो सकती है। ठगों ने उसी नंबर से वाट्सएप वीडियो काल कराई, जहां दूसरे व्यक्ति ने खुद को एसीपी मुंबई पुलिस बताया। केस का हवाला देकर गिरफ्तारी की धमकी दी गई। डर के कारण शिकायतकर्ता से आधार कार्ड की फोटो मंगवाई गई। इसके बाद तीसरे व्यक्ति ने खुद को कुलदीप, मुंबई पुलिस बताकर जांच के नाम पर बैंक खाते के मिलान की बात कही और पहले 56 हजार रुपये यूपीआई से ट्रांसफर करवाए। आरोप हैं कि इसके बाद शिकायतकर्ता से इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी और ओटीपी हासिल कर लिए गए। कुछ ही देर में खाते से 10 लाख रुपये और फिर 3 लाख रुपये की निकासी के संदेश आए। इसके बाद ठगों ने फोन उठाना बंद कर दिया। शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। एसबीआई शाखा एमजी मार्ग, अंबाला कैंट से जांच में सामने आया कि ठगों ने खाते पर 13 लाख रुपये का लोन लिया और वह राशि अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। इस तरह 13 लाख 56 हजार रुपये की ठगी की गई।