अंबाला। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार छावनी के वार हीरोज स्टेडियम में न तो खेल विभाग के पास स्केटिंग के लिए खुद का मैदान है और न ही कोई कोच। हालांकि स्टेडियम में पहले लाखों रुपये की लागत से रोलर स्केटिंग का 100 मीटर का रिंग बना हुआ था लेकिन वह भी स्टेडियम के जीणोंद्धार की भेंट चढ़ गया था।
फुटबॉल का मैदान बढ़ाने के लिए उस रिंग को तोड़ दिया गया था। बावजूद खेल विभाग की ओर से किसी दूसरी जगह या फिर स्टेडियम में बनाने का अभी कोई प्रपोजल नहीं है। ऐसे में अंबाला के स्केटिंग खिलाड़ियों के पास केवल निजी स्कूलों, सेंटरों, सुभाष पार्क व सैन्य क्षेत्र की सड़कों पर तैयारी के अलावा कोई चारा नहीं है। अंबाला के स्केटिंग को खेल विभाग की ओर से अनदेखा किया जा रहा है जबकि एक से एक बेहतरीन खिलाड़ी है और वह स्कूलों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर भी परचम लहरा चुके हैं।
पहले था खिलाड़ियों में खासा रुझान
बता दें कि वार हीरोज स्टेडियम में बने रोलर स्केटिंग रिंग के प्रति लोगों का खासा रुझान था। रोजाना सुबह व शाम के समय खिलाड़ी प्रशिक्षण लेने के लिए पहुंचते थे। यहां तक कि स्केटिंग एसोसिएशन व खेल विभाग की ओर से समय-समय पर प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती थी। ऐसे में खिलाड़ी भी मायूस हैं कि खेल विभाग के तहत यह सुविधा उनको कब मिलेगी।
सैन्य क्षेत्र की सड़कों पर स्केटिंग करते हैं बच्चे
अक्सर देखा जाता है कि सैन्य क्षेत्र स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पास निजी सेंटर के कोच द्वारा सड़कों पर ही स्केटिंग करवाई जाती है। यह सैन्य क्षेत्र की वो सड़कें है, जहां इक्का-दुक्का ही आवाजाही होती है और आसानी से बच्चे साफ-सुधरी सड़कों पर स्केटिंग के गुर सीख लेते हैं।
स्टेडियम में पहले स्केटिंग का रिंग था वो उनके संज्ञान में नहीं है। अभी तक कोई नया स्केटिंग रिंग स्टेडियम या कहीं बाहर बनाने का प्रपोजल नहीं है। स्केटिंग कोच के लिए पहले भी कई बार मांग भेजी जा चुकी है।
राम निवास, जिला खेल अधिकारी, खेल विभाग