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विज ने दिए तीन कर्मियों को सस्पेंड करने के निर्देश

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अंबाला। नगर परिषद की लंबित शिकायतों को लेकर सोमवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे गृहमंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान जांच में पाया कि अधिकतर शिकायतें ऐसी थी जो लंबे समय से पहुंची हैं लेकिन समाधान नहीं हुआ। विज ने ईओ के टेबल पर रखी फाइलों के साथ दराजों को भी खंगाला। साथ ही स्टाफ का हाजिरी रजिस्टर जांचा। तीन शिकायतों से संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड करने के साथ-साथ निगम आयुक्त व ईओ को फटकार लगाई। विज बोले, आई विल कम अगेन, सुधर जाओ, ठीक हो जाओ। शिकायतें मार्क करो और किसी कर्मचारी को जिम्मेदार बनाओ। अगर नहीं हो सकता तो संबंधित शिकायतकर्ता को लिखो कि आपका काम नहीं हो सकता। सारा ठीक कर लो, आई विल कम अगेन।
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जैसे ही मंत्री अनिल विज जाने लगे तो परिषद में लंबे समय से काम के लिए चक्कर काट रहे लोगों ने भी अपना दुखड़ा रोया। आनंद नगर ए से पहुंची कमलेश, संदीप, रवि कुमार, पिंकी, मिना आदि का कहना था कि वह सालों से अपने इलाके में खड़े मोबाइल टावर को शिफ्ट करवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। टावर से लोगों का स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है। टावर को हटवाने या फिर कहीं ओर शिफ्ट करने के बारे में शिकायत दी गई है। हर बार केवल आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। गृहमंत्री अनिल विज ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह मौके पर जाकर मुुआयना करें और समस्या का समाधान करें।
डिप्टी कमिश्नर द्वारा अतिक्रमण हटाने की भेजी गई मेल भी लंबित होने पर मंत्री विज भड़के गए। अधिकारियों से संतोष जनक जवाब न मिलने पर विज बोले कि मैं एक अनपढ़ आदमी हूं और मेरी शिकायत आती है तो काम कैसे होगा। ईओ को फटकार लगाते हुए बोले कि मुझे फाइलों व कागजों की मूवमेंट दिखाओ, आखिर कहां जा रही हैं। ईओ रविंद्र कुहार को फटकार लगाते हुए बोले कि ईओ साहब आप ऑफिस में 11 बजे आते हो और चार बजे चले जाते हो, ऐसे में लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
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तीन शिकायतों पर दिए निर्देश
गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने सोमवार सुबह करीब 11 बजे खुद गाड़ी चलाकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे तो कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। विज ने ईओ के कमरे में जाकर फाइलों की जांच की। इसके बाद ईओ के पीए के कमरे में लंबित शिकायतों की फाइल देखी। इस दौरान ऑनलाइन आने वाली नगर परिषद की शिकायतों को देखकर फरियादियों को खुद फोन लगाए और पूछा कि क्या उनकी शिकायत का समाधान हुआ। शिकायतकर्ता द्वारा न का जवाब मिलने पर भड़के विज ने तुरंत संबंधित कर्मचारी को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
हालांकि, अभी नगर परिषद के अधिकारियों ने जिम्मेदार कर्मचारी की स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उनका कहना है कि जांच के बाद ही बताया जाएगा। मंत्री विज ने दो स्ट्रीट लाइटों व एक अतिक्रमण की शिकायत पर कार्रवाई के लिए कहा। दरअसल, एक शिकायत छावनी के कच्चा बाजार निवासी अंकित खुराना की थी। अंकित ने चार अक्तूबर को स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत दी थी। दूसरी शिकायत छावनी के बोह निवासी रामपाल भारद्वाज की थी। उन्होंने 11 सितंबर को बोह मेन रोड पर स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत दी थी। मामले में गृहमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
तीसरे मामले में गृहमंत्री ने जिला नगर आयुक्त द्वारा नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने के लिए भेजे पत्र पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी। जिला नगर आयुक्त ने 28 सितंबर को छावनी टिंबर मार्केट के पास अतिक्रमण हटाने के लिए लिखित पत्र नगर परिषद को प्रेषित किया था। मंत्री विज ने इस पत्र की कार्रवाई रिपोर्ट तलब की मगर कोई अधिकारी इस पर जवाब नहीं दे पाया। दस्तावेजों की जांच की गई तो पाया कि यह पत्र बिल्डिंग इंस्पेक्टर को मार्क किया गया था। इस मामले में भी मंत्री विज ने जांच कर संबंधित स्टाफ को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। गृहमंत्री अनिल विज करीब पौने घंटे तक नगर परिषद कार्यालय में रहे।
विज के जाते ही चला बैठकों का दौर
निरीक्षण के बाद परिषद अधिकारियों में हड़कंप मच गया और विज के जाने के बाद बैठकों का दौर शुरू हो गया। एक-एक कर अलग-अलग विभाग के कर्मचारियों को फाइलों सहित बुलाया और उन्हें उचित दिशा निर्देश दिए। यहां तक कि स्ट्रीट लाइटों से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करने के लिए कर्मचारी रवाना हुए और लोगों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को दूर किया।
बहुत सारी अनियमितताएं मिली हैं। लोगों की शिकायतों पर कई-कई दिनों तक कार्रवाई नहीं हो रही है। डिप्टी कमिश्नर महोदय का अतिक्रमण गिराने के बारे में आदेश आया हुआ है। उस पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। आखिरी वार्निंग दी गई है, नहीं तो दोबारा आऊंगा और किसी को नहीं छोडू़ंगा।
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-अनिल विज, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री हरियाणा
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