अंबाला। निर्माण कार्यों में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करते हुए सरकार को दो करोड़ 14 लाख रुपये का चूना लगाने के आरोप में पीडब्ल्यूडी अफसरों व गर्ग मैसर्ज कंस्ट्रक्शन के मालिक पर विजिलेंस ने शिकंजा कस दिया है। विजिलेंस की टीम ने लंबे समय से जांच करते हुए अब पीडब्ल्यूडी के एसई, एक्सईए, जेई सहित गर्ग मैसर्ज कंपनी के मालिक पर फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है।
कुरुक्षेत्र जिले में 26 हजार 380 एमटी क्षमता के बिना छत वाले गोदामों सहित सीसी रोड व बाउंड्री वॉल के निर्माण में गर्ग मैसर्ज कंपनी ने घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया था। दो बार जांच में सैंपल फेल निकले। यह कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में हुआ। लंबी जांच के बाद अंबाला विजिलेंस ने अधीक्षक अभियंता एपीएस बक्शी, कार्यकारी अभियंता राजीव जैन, उपमंडल अभियंता सुमित, कनिष्ठ अभियंता विभोर नागपाल, कनिष्ठ अभियंता राजेश सिरोही, ऑडिटर राजवीर, एसओ प्रेम व शशांक गर्ग मालिक मैसर्ज गर्ग कंट्रस्टशन पर मिलीभगत, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन फ्रंट ने पंचकूला विजिलेंस महानिदेशालय को लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद 25 अप्रैल 2016 को इस मामले में तकनीकी शाखा को जांच सौंपी गई। अगस्त महीने में निरीक्षक संजीव कुमार ने कुरुक्षेत्र टीम के साथ मिलकर सुरजीत सिंह प्रतिनिधि शिकायतकर्ता के सामने मौके पर जाकर निर्माण सामग्री के अलग-अलग 15 सैंपल लिए। इन सैंपलों को जांच के लिए करनाल स्थित लैब में भेजा गया। इसके बाद 30 अपैल 2018 को विजिलेंस के पास सैंपलों की जांच रिपोर्ट पहुंची, जिसमें सारे नमूने फेल बताए गए।
ऐसे चला था फर्जीवाड़े का खेल
विजिलेंस द्वारा की गई जांच के दौरान निर्माण स्थल पर प्रयोग की गई ईंटों की खपत ज्यादा दिखाकर फर्जी बिल बनाए गए थे। कंपनी के खाते में अधिक पैसे ट्रांसफर किए गए थे। स्टील में लाखों रुपये की गड़बड़ी की बात सामने आई थी। कंपनी को काम करने की एवज में दिए जाने वालों बिलों में भी गड़बड़ी करके अतिरिक्त रुपये कंपनी को क्रेडिट किए गए। सभी की मिलीभगत से कुल 2 करोड़ 14 लाख 10 हजार 676 रुपये का गबन किया गया था।