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Ambala News: केमिकल और रंगों से तैयार करते थे नकली शराब

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अंबाला। धनौरा और बिंजलपुर लिंक रोड पर शराब की जिस अवैध फैक्टरी का भंडाफोड़ मुलाना पुलिस ने किया है, वहां केमिकल और रंगों से नकली शराब बनाई जाती थी। पकड़े गए आरोपियों में से आरोपी अंकित को पहले से इस काम को अनुभव था। वर्ष 2021 में भी अंकित का नाम साहा में एक शराब फैक्टरी संचालन के मामले में सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने चार नामजद पुनीत, कपिल पंडित, अंकित उर्फ मोगली व उत्तम समेत अन्य पर केस दर्ज कर लिया है। उत्तम व पुनीत को पुलिस ने काबू कर लिया है।
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पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। चूंकि आरोपी आसपास के गांव के रहने वाले थे इस कारण उन्हें इस क्षेत्र के बारे में काफी जानकारी थी। यहां पर किसी को शक न हो इसलिए केमिकल की एक पुरानी फैक्ट्री को किराये पर लेकर अवैध शराब बनाने का धंधा शुरू किया गया था। ये लोग कुछ सामान गन्ने के खेत में भी छिपाकर रखते थे। इसके लिए उत्तर प्रदेश से कुछ मजदूरों को भी लाया गया था।

अवैध शराब बनाने, फर्जी लेबल लगाने का भी हो रहा था काम

स्थानीय लोगों की मानें तो इस फैक्ट्री में अवैध रूप से शराब को बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था। इसके साथ ही फर्जी लेबल लगाकर बोतलों को तैयार कर अवैध रूप से सप्लायरों को भेजा जाता था। जो अपने नेटवर्क के अनुसार शराब को सप्लाई किया करते थे। यहां पर पुलिस को ओएसिस ओवरसीज डिस्टिलरी द्वारा बनाए जाने वाले ब्रांड माल्टा की देशी शराब के बैच नंबर 16, नवंबर 2021 के फर्जी लेबल भी मिले है।
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इस मामले में जब पड़ताल की गई तो सामने आया कि जटवाड़ स्थित ओएसिस ओवरसीज डिस्टिलरी द्वारा माल्टा सहित कई ब्रांड की शराब बनाई जाती है। आरोपियों ने इसी कंपनी के माल्टा ब्रांड को लेकर फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने कंपनी के नकली होलोग्राम तैयार किए और बैच नंबर भी फर्जी बनाया। इसको लेकर कंपनी के प्रतिनिधि एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा से भी मिले।
उन्होंने एसपी को बताया कि कोविड के दौरान एक्साइज पॉलिसी आने में करीब दो माह की देरी हुई थी। वैसे अप्रैल में नई शराब बनाना और सप्लाई का काम शुरू हो जाता है, क्योंकि तब तक एक्साइज पॉलिसी आ आ जाती है। ऐसे में वर्ष 2021 में 12 जून के बाद ओएसिस ओवरसीज डिस्टिलरी ने 16 नंबर का बैच तैयार किया था। जिसमें 3082 पेटियां तैयार की गईं थी और इन्हें 29 जून तक हरियाणा के शराब के आठ थोक विक्रेताओं को सप्लाई कर दिया था मगर आरोपियों ने नवंबर में फर्जी तरीके से 16 नंवबर बैच दिखाया, जबकि नवंबर 2021 में कंपनी का 149 नंबर बैच नंबर चल रहा था। इसके साथ ही ओएसिस ओवरसीज डिस्टिलरी अपने ब्रांड के लिए बैच नंबर मैनुअल मशीन के माध्यम से बनाती है जो डॉट, डॉट... कर प्रिंट होता है। आरोपियों के ठिकाने से जो लेबल मिले हैं उन पर कंप्यूटराइज्ड फर्जी बैच नंबर मिला है। इसके साथ ही होलोग्राम भी नकली है। ऐसे में इस संबंध में आबकारी विभाग की डीईटीसी दीपा चौधरी को कंपनी के प्रतिनिधि ने लिखित रूप से पूरी जानकारी दी है ताकि अवैध रूप से लेबल बनाने और कंपनी का नाम खराब करने पर कार्रवाई हो सके।

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एसपी की अपील : बैच नंबर 16, नवंबर 2021 की माल्टा लिखा है तो न करें सेवन

पुलिस अधीक्षक जश्नदीप सिंह रंधावा ने आमजन से अपील की है कि देशी शराब माल्टा जिसका बैच नंबर 16, नवंबर 2021 है, उसका प्रयोग बिल्कुल न करें। यह शराब जहरीली हो सकती है। कई बार लोग बिना बैच नंबर, तिथि या असली नकली का फर्क देखे शराब का सेवन कर लेते हैं। ऐसा करना आपके जीवन को खतरे में डाल सकता है। एसपी ने आमजन से अपील की कि यह माल्टा (बैच नंबर 16, नवंबर 2021) शराब कहीं भी बिकती हुई पाई जाती है तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या कंट्रोल रूम अंबाला को सूचित करें। एसपी ने सभी थाना प्रबंधकों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्र में इस बैच की अवैध शराब की कहीं भी बिक्री होती हो तो संबंधित के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल मे लाई जाए।




वर्ष 2021 में साहा में पकड़ी थी नकली शराब बनाने की फैक्टरी

आबकारी विभाग और पुलिस ने मार्च 2021 में साहा में शराब बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया था। यह फैक्ट्री बिना किसी लाइसेंस के मनमानी तरीके से संचालित हो रही थी। इसका खुलासा तब हुआ जब कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में आबकारी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 50 पेटी देसी शराब सहित आरोपी को गिरफ्तार किया था। तब आरोपी की निशानदेही पर टीम फैक्ट्री तक पहुंची थी। टीम ने यहां से पानी की टंकी में छिपाकर रखी हुई करीब 450 लीटर तैयार शराब बरामद की थी। वहीं शराब बनाने के लिए प्रयोग होने वाला करीब 300 लीटर केमिकल का ड्रम बरामद किया था। फैक्टरी में अलग-अलग ब्रांड की शराब तैयार की जाती थी। टीम की कार्रवाई के दौरान फैक्टरी से 21 पेटी तैयार शराब, 5 हजार खाली बोतलें, दो मशीनें जो कि ढक्कन बंद करने के लिए रखी गई थीं। इस दौरान सात अलग-अलग ब्रांड जिसमें ओल्ड फोक, ट्रिपल एक्स रम, फर्स्ट च्वाइस, हीर सौंफी, मैजिक संतरा, क्लब माल्टा, रसीला संतारा व मस्ती मल्टा के अलावा शराब की बोतलों के ढक्कन की 11 बोरियां बरामद की गईं थी। इसके अलावा 2600 होलोग्राम भी बरामद हुए थे। यहां से हरियाणा, हिमाचल प्रदेश व पंजाब में नकली शराब भेजी जा रही थी। तब इस मामले में भी आरोपित के रूप में अंकित का नाम सामने आया था और अब मुलाना के बिंजलपुर गांव में मिली फैक्टरी में भी अंकित का नाम सामने आया है।
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