अंबाला। छावनी तहसील के पटवारी राजिंद्र और जतिंद्र भारद्वाज को गलत इंतकाल करने पर सस्पेंड किया गया है। वहीं एक अन्य मामले में एक पटवारी को चार्जशीट किया गया है। यह कार्रवाई उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी की तरफ से की गई है। शिकायतकर्ता ने मामला गृहमंत्री व उपायुक्त के संज्ञान में डाला था। कैंट एसडीएम की जांच के बाद दोनों को सस्पेंड किया गया।
शिकायतकर्ता बब्याल निवासी सतनाम सिंह ने बताया कि 222 गज का दयाल बाग में मकान बना हुआ था। पहले पटवारी राजिंद्र ने 2015 से 2018 तक इंतकाल के लिए चक्कर कटवाए। बाद में रिश्वत मांगी। नहीं दी तो कागजों में 222 गज के प्लॉट को इंतकाल में 60 गज दिखा दिया। बाकायदा 222 गज की रजिस्ट्री भी थी। इंतकाल करने के बाद लाल पैन से लिख दिया कि यह केवल 60 गज के मालिक है। 2022 में पिता जय सिंह की इसी सदमे में मौत हो गई। 18 मार्च 2022 को गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी थी। मंत्री विज ने डीसी को मार्क कर दी थी। जांच के बाद दोबारा पटवारी ने फर्जी रिपोर्ट कर दी और उस समय के पटवारी जतिंद्र ने भी यही रिपोर्ट बनाकर डीसी को दे दी। डीसी ने 30 हजार रुपये की रिश्वत मामले में रिपोर्ट मांगी। छावनी एसडीएम बलप्रीत से दोबारा मिलकर निष्पक्ष जांच करवाने के लिए दूसरे पटवारी से जांच करने की गुहार लगाई थी। दोबारा जांच में पाया गया कि पटवारी की रिपोर्ट झूठी थी। सिटी मजिस्ट्रेट के बाद फाइल जाने के बाद 11 नवंबर को दोबारा गृहमंत्री अनिल विज से मुलाकात की और उसी मामले में अब उपायुक्त अंबाला ने कार्रवाई करते हुए सस्पेंड कर दिया।
एसडीएम ने दबोचे चार दलाल, दो को पूछताछ के बाद छोड़ा
अंबाला कैंट एसडीएम ने अपने कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान चार दलालों को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान दो को छोड़ दिया लेकिन दो की जांच की जा रही है।