अंबाला। लोगों की प्रॉपर्टी आईडी के सुधार को लेकर किया गया सर्वे आमजन के लिए आफत बना हुआ है। शिविरों में आई 800 से अधिक शिकायतों में से 211 का मौके पर ही निपटान कर दिया गया था जबकि बाकी दस्तावेज अधूरे होने के कारण रिजेक्ट कर दी गई। इसके अलावा प्रतिदिन कई शिकायतें आती हैं, जिनका निपटान किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि उनकी प्रॉपर्टी आई ठीक नहीं हुई है। कहीं कम प्रॉपर्टी दिखाई गई है तो किसी आईडी में ज्यादा है। इसके अलावा कहीं एक ही प्रॉपर्टी आईडी पर दो आईडी बना दी हैं। उन्हें ठीक करवाने के लिए लोग नगर निगम के धक्के खा रहे हैं परंतु कई प्रयासों के बाद भी उनके हाथ खाली हैं। वहीं अधिकारियों द्वारा उन्हें बार-बार दस्तावेज पूरे करवाने के लिए कहा जा रहा है। इसके लिए उन्हें आपत्ति दर्ज करवानी पड़ रही है। इस स्थिति से न केवल आमजन बल्कि स्वयं पार्षद तक परेशान हैं। वह कई बार निगम अधिकारियों से इस समस्या के समाधान को लेकर मांग कर चुके हैं परंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है।
बार-बार आपत्ति दर्ज करवाने के लिए लगते हैं रुपये
प्रॉपर्टी आईडी में हुई गलती को सुधार के लिए ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करवानी पड़ती है। इसके लिए साइबर कैफे संचालक एक बार में 100 रुपये व उससे अधिक रुपये ले रहे हैं। अगर एक बार फाइल को रिजेक्ट कर दिया जा रहा है तो दोबारा आपत्ति दर्ज करवाने के लिए फिर रुपये भरने पड़ रहे हैं। इस कारण लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जिससे निपटने के लिए लोग पार्षदों के भी चक्कर काट रहे हैं परंतु पार्षदों के प्रयास भी पूरे नहीं हो रहे हैं। वहीं पिछले दिनों लगाए गए शिविर में विभाग की ओर से सैकड़ों आईडी को ठीक किया गया था परंतु अभी भी बहुत से आईडी ऐसी हैं जो कई प्रयासों के बाद भी ठीक नहीं हुई है।
अगर किसी की प्रॉपर्टी आईडी में गलती है तो वह ऑनलाइन ऑब्जेक्शन देकर दस्तावेज जमा कर सकता है। हमारी ओर से समय-समय पर प्रॉपर्टी आईडी ठीक की जा रही है। यह प्रयास आगे भी ऐसे ही जारी रहेगा।
- अनिल राणा, सीपीओ, नगर निगम अंबाला।