संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। किसान आंदोलन के कारण कई दिनों से सड़कों पर फंसे ट्रक चालकों के लिए मुसीबत बढ़ने लगी है। कई ट्रक चालकों को तो खाने तक के लाले पड़ रहे हैं, क्योंकि इन ट्रक चालकों के पास कैश खत्म हो रहा है और इंटरनेट बंद होने की वजह से वह ऑनलाइन भुगतान भी नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं कुछ ट्रकों में लोड सामान भी खराब होने की कगार पर है।
शहर के देवीनगर पेट्रोल पंप के पास अंबाला-राजपुरा हाइवे किनारे कई ट्रक सड़क पर अटके खड़े हैं। यहां एक ट्रक तीन दिनों से अटका हुआ है। जिसमें 20 हजार लीटर दूध लोड है। यह दूध खराब होने की कगार पर है। इसी तरह अंबाला-हिसार बायपास पर भी गुजरात, पश्चिमी बंगाल, मुंबई, राजस्थान से आने वाले कई ट्रक अटके हुए हैं। इन ट्रकों को पंजाब जाना है। यह ट्रक यहां तीन से चार दिन से अटके हुए हैं। जिससे उनको परेशानी झेलनी पड़ रही है।
ट्रक चालक संजय ने बताया कि वह कौलांपुर से पंजाब के होशियारपुर के लिए ट्रैक्टर का स्पेयर पार्ट का सामान लेकर चला था। वह 11 फरवरी को अंबाला शहर पहुंच गए थे, उसके बाद से ही यहां अटके हुए हैं। उनका कैश भी खत्म हो रहा है। जिससे खाने-पीने में दिक्कत आ रही है। वह खुद ही खाना बनाकर खा रहे हैं। इसी तरह ट्रक चालक कीर्तिवास मंडल ने बताया कि वह 10 फरवरी की रात को अंबाला शहर में पहुंच गए थे।
वह पश्चिमी बंगाल से लुधियाना में बीड़ी से भरा ट्रक लेकर जा रहे हैं। उनको खाना बनाने के लिए सामान खरीदकर लाना पड़ा। चार दिन से यही खाना बनाकर खा रहे हैं। ट्रक चालक राजू ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ से लुधियाना के लिए खाने का सामान लेकर चले हुए हैं। 9 फरवरी से यहां पर अटके हुए हैं। वह नमकीन-बिस्कुट के साथ पानी पीकर गुजारा कर रहे हैं। हाइवे पर आसपास कोई खाने की व्यवस्था भी नहीं है।
देवीनगर में हाइवे पर लोगों को पुलिस ने खदेड़ा
किसान आंदोलन को देखने के लिए बुधवार को कुछ लोग अंबाला-राजपुरा हाइवे पर पहुंचे थे। इन लोगों को पुलिस ने यहां से जाने का आह्वान किया। जब यह लोग वहां से नहीं निकले तो उनको पुलिस ने खदेड़ दिया और कुछ लोगों को पुलिस ने पकड़ भी लिया। बुधवार को देवीनगर में लोगों की भीड़ कम रही।
सब्जियां होने लगी महंगी
किसान आंदोलन का असर अब सब्जियों पर भी नजर आने लगा है। जो खीरा सोमवार तक 20 रुपये में मिल रहा था, अब वो 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। इसी प्रकार टमाटर को जो रेट 15 से 16 रुपये के बीच था वो 25 रुपये तक पहुंच गया है, जो गोभी 10 से 15 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मिल रही थी वो भी अब 22 से 25 रुपये के बीच मिल रही है। अगर किसान आंदोलन की समय सीमा बढ़ती रही तो आने वाले समय में सब्जियों के रेटों में काफी वृद्धि हो सकती है। यह जानकारी सब्जी के होलसेल विक्रेता राजकुमार ने दी।
इंटरनेट बंद होने से आर्थिक नुकसान
दूसरी बड़ी परेशानी इंटरनेट के बंद होने से लोगों को झेलनी पड़ रही है। इसका सबसे ज्यादा नुकसान ऑनलाइन डिलीवर एप से जुड़े होटल व किराना व्यापारी संचालकों सहित सामान सप्लाई करने वालों को भुगतना पड़ा रहा है। ऑनलाइन ऑर्डर न मिलने के कारण होटल संचालकों को रोजाना 10 से 15 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है, यह उनकी अतिरिक्त कमाई थी तो खाना सप्लाई देने वाले लोगों के माध्यम से प्राप्त होती थी।
खाद्य पदार्थों की हो सकती है कमी
वहीं किराना व्यापारी सुरजीत सैनी, शैली आदि ने बताया कि अभी आटा, दाल व चीनी आदि की कोई कमी नहीं है। अभी रेट भी नहीं बढ़े हैं। लेकिन आने वाले समय में यह दिक्कत बढ़ सकती है और सप्लाई की कमी भी हो सकती है। ऐसे में महंगाई बढ़ सकती है।
पेट्रोल पंपों पर लगाए नकद भुगतान के बोर्ड
दूसरी तरफ पेट्रोल पंप संचालकों ने भी भुगतान को लेकर लिखित आदेश जारी कर दिए हैं कि पंपों पर ऑनलाइन एप से भुगतान नहीं लिया जाएगा। इसलिए नकद पेट्रोल भरवाने वाले वाहन चालक ही पंप पर आएं। इसे लेकर भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि अभी एटीएम मशीनों पर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।