अंबाला। मानसून के सीजन की सबसे ज्यादा यानी 165.8 एमएम बारिश ने अंबाला में पानी निकासी के सभी दावों की पोल खेल दी। चंडीगढ़ के मौसम विभाग के अनुसार शनिवार रात को 83.8 तो दिन में 82.0 एमएम बदरा बरसे। दूसरी ओर अंबाला के डीसी पार्थ गुप्ता की ओर से करीब 210 एमएम बारिश की बात कही जा रही है।
स्थिति यह बन गई है कि कैंट और सिटी के अलावा गांवों में भी जलभराव की स्थिति रही। उधर, पहाड़ों में बारिश के बाद मारकंडा भी उफान रही, वहीं अंबाला कैंट की टांगरी नदी में करीब आठ हजार क्यूसेक पानी दर्ज किया। उधर, अंबाला-जगाधरी और दिल्ली हाईवे की सर्विस लेन पर भी पानी जमा हो गया। वाहनों को उसके बीच से होकर गुजरना पड़ा। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि मानसून सक्रिय होने से आने वाले पांच दिनों में बारिश की संभावना है। जबकि कैंट, सिटी सहित गांवों में भी जलभराव की स्थिति रही।
अगले चार दिनों में बारिश की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पंजाब के ऊपर पाकिस्तान में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से मानसून ट्रफ की अक्षय रेखा सामान्य स्थिति उत्तर की तरफ बने रहने और बंगाल की खाड़ी की तरफ से मानसूनी हवाएं आने से 16 अगस्त तक राज्य में मानसून की सक्रियता बने रहने की संभावना है। 12 और 13 अगस्त को राज्य के उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और 14 से 16 अगस्त के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं। बीच-बीच में तेज हवाएं चलने और बादलवाई रहने की संभावना बन रही है। इससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने 15 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका जताई है।
इस तरह कराई पानी की निकासी
छावनी के सत्संग विहार में जलभराव से परेशान लोगों ने रविवार को रोष जताया। एकजुट होकर नगर परिषद कार्यालय में शिकायत दी। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पंप से पानी को निकालकर टांगरी में गिराया। इसके लिए परिषद की तरफ से टांगरी बांध पर बनी सड़क को तोड़कर बीच में पाइप गुजारा। इसी तरह से नगर परिषद की तरफ से डिफेंस कॉलोनी सहित तीन अन्य जगह पर यह पंप लगाए थे।
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नाला ओवरफ्लो, गिरी मकान की दीवार
छावनी के कबीर नगर से होकर गुजरने वाला नाला भी ओवरफ्लो होने के कारण एक मकान की करीब 30 फीट चौड़ी दीवार ढह गई। इसके अलावा नाले की साथ की कई दीवारों में भी दरारें आ गई थीं। हाउसिंग बोर्ड, राम नगर, सत्संग विहार, बीडी फ्लोर मिल के पीछे दर्जनभर कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति रही। डिफेंस कॉलोनी में बिजली के तार टूटकर पानी में गिरने के कारण गिर गए। हालांकि इससे किसी को करंट नहीं लगा लेकिन लोग सहम गए थे। राहगीरों को भी स्थानीय लोग संभल कर चलने के लिए बोल रहे थे। बाद में बिजली निगम के कर्मचारियों ने फाल्ट को दुरुस्त किया।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष में छह तो ईओ को 30 फोन
भारी बरसात के बाद छावनी की कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति होने पर लोगों ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष में छह तो कार्यकारी अधिकारी यानी ईओ रविंद्र कुहाड़ को करीब 30 फोन किए। अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पंप सेट के साथ कर्मचारियों को भेजकर पानी निकालने में मदद की। इसमें पूजा विहार, बैंक कॉलोनी, समता विहार, औद्योगिक क्षेत्र, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सुंदर नगर, सत्संग विहार, डिफेंस कॉलोनी में राहत कार्य किया।