अंबाला। जबरन 10 लाख रुपये की मांग करने से परेशान शहर से सटे गांव बलाना में एक युवक सुखविंद्र सिंह ने अपने ही परिवार के पांच लोगों मां, बाप, पत्नी व दो बच्चों को मारकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे गांव में गम का माहौल है। पुलिस ने इस मामले में परिवार के दामाद सतीश कुमार की शिकायत पर युवक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लिखे नामों बालकिशन और यमुनानगर स्थित साईं होंडा के मालिक कवि नरूला के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे एक पड़ोसी युवक के घर गया और दरवाजा खटखटाने लगा। दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसी को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। इस पर कुछ और पड़ोसी भी वहां आ गए और जब वे दीवार फांदकर अंदर घुसे तो भीतर का नजारा देखकर दंग रह गए। युवक के मां-बाप, पत्नी व दो बेटियां बेड पर मृत अवस्था में पड़ी हुईं थी जबकि युवक ने खुद कमरे में ही पट्टे से फंदा लगा रखा था। देखते ही देखते पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय संगत राम, उनकी पत्नी महिंद्रो कौर, 34 वर्षीय युवक सुखविंद्र सिंह, उनकी पत्नी रीना, 5 वर्षीय अस्मीत उर्फ आशु और 7 वर्षीय जसमीत उर्फ जस्सी के रूप में हुई। पुलिस को कमरे में से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसमें फंदा लगाने वाले युवक सुखविंद्र ने दो लोगों पर जबरन 10 लाख रुपये की मांग करने के आरोप लगाते हुए उन्हें मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
बेटी का था जन्मदिन, खुशियां मातम में बदली
26 अगस्त जिस दिन यह दिल दहला देने वाली घटना हुई, उसी दिन युवक सुखविंद्र की सबसे छोटी बेटी आशु का जन्मदिन था। दिन तो खुशियां मनाने का था मगर इस घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल बन गया। सुखविंद्र यमुनानगर में इफ्को टोकियों कंपनी में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पिता संगत सिंह गांव के नंबरदार थे। शाम को सभी का शव गांव में ही लाया गया, जहां एक साथ छह चिताएं जलीं। अन्य परिजनों ने मृतकों को मुखाग्नि दी।
प्रथम दृष्टया जांच में गला घोंटकर परिजनों को मारा
गांव बलाना में पहुंची सीन ऑफ क्राइम की टीम के अनुसार प्रथम दृष्टया जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि गला घोंटकर पांचों परिजनों को मारा गया है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पोस्टमार्टम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चार डॉक्टरों का स्पेशल बोर्ड गठित किया था, जिनकी निगरानी में सभी का पोस्टमार्टम किया गया और उनका विसरा लैब में जांच के लिए भेज दिया है। इन डॉक्टरों में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. निशांत, डॉ. अरूण शर्मा, गायनी विशेषज्ञ अल्पना व फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. सुमित खुखरेजा शामिल रहे।
डीएसपी जोगिंद्र शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पांचों परिजनों को गला घोंटकर मारा गया है। उसके बाद सुखविंदर ने फंदा लगाकर खुद आत्महत्या की। मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें 10 लाख रुपये जबरन मांगें जाने के आरोप लगाया गया है। इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच अभी जारी है।