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Ambala News: आयुष्मान में उपचार बंद, भटके मरीज

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अंबाला सिटी से आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल
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अंबाला सिटी। आयुष्मान योजना में भुगतान की मांग के लिए सोमवार को आईएमए के निर्देशोंं पर निजी अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान कार्डधारकों का उपचार करना बंद कर दिया है। इससे उपचार कराने आए मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
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इस संबंध में आईएमए अधिकारियों का कहना है कि पांच जुलाई को फिर से राज्य स्तरीय बैठक होगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी और निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं दिया जाएगा। हालांकि सोमवार को अस्पताल संचालकों ने मरीजों से उनका फोन नंबर लेकर फिर से उपचार शुरू होने के बारे में बताने का आश्वासन भी दिया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार पर आयुष्मान के तहत आने वाले निजी अस्पतालों का करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया है। इसके चलते आईएमए ने राज्य स्तर पर हड़ताल करने का फैसला किया है। 29 जून को आईएमए ओर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी, लेकिन वह बेनतीजा रही। सरकार ने मार्च माह में भुगतान करने का लिखित आश्वासन दिया था।
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जिला अंबाला में पांच लाख नौ हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए हैं। जबसे योजना शुरू हुई है तब से अब तक अंबाला में 100 करोड़ रुपये का उपचार मरीजों को दिया जा चुका है। जिले में आयुष्मान भारत के तहत 45 निजी अस्पताल पंजीकृत हैं।
खाली हाथ लौटे मरीज
अंबाला के समलहेड़ी गांव निवासी बबीता ने बताया कि वह आज अपनी आखों का उपचार कराने के लिए गई थी। उन्हें नहीं पता था कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार बंद हो गया। अस्पताल संचालकों द्वारा उन्हें फोन पर आने के बारे में बताने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया।
इलाज के लिए किया मना : मीना
मेहला गांव निवासी मीना सिंह ने बताया कि वह भी अपना उपचार करवाने के लिए एक निजी अस्पताल में गया था, लेकिन जब उसने आयुष्मान कार्ड दिखाया तो उसे उपचार देने से मना कर दिया गया। उसे हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी।

मोतिया बिंद का ऑपरेशन कराना है : सतनाम
अंबाला शहर के कोतवाली सराय के रहने वाले सतनाम सिंह ने बताया कि उन्हें अपनी आंखों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाना था। लेकिन जब वह अपनी पत्नी के साथ निजी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे तो डॉक्टरों ने उन्हें मना कर दिया और इंतजार करने के लिए कहा। मजबूरन उन्हें घर लौटना पड़ा
कराना था मां का उपचार : जसविंद्र
माता का उपचार कराने आए जसविंद्र सिंह ने बताया कि वह मटहेड़ी से अपनी माता लज्जो का उपचार के लिए आया था। यहां पर उसे बताया गया कि आयुष्मान योजना के तहत उपचार बंद हो गया है। 15 दिनों तक आने को कहा। इस कारण माता को लेकर लौटना पड़ गया।
भुगतान में भी होती है कटौती : डाॅ. माथुर
आंखों के चिकित्सक डॉ माथुर ने बताया कि आईएमए के निर्देशों पर उन्होंने भी आयुष्मान के तहत उपचार बंद कर दिया है। सरकार 15 दिनों में भुगतान का नियम बताती है। इसके बाद ब्याज के साथ भुगतान करने का प्रावधान है, लेकिन सरकार की ओर से उन्हें भुगतान भी नहीं मिला है। जो भुगतान मिलता है उसमें भी कटौती होती है। जिसे सरकार को बंद करना चाहिए।
पांच को फिर होगी बैठक : डाॅ. सारवाल
अंबाला सिटी से आईएमए प्रधान डॉ. अशोक सारवाल ने बताया कि आईएमए के आवाहन पर ही उन्होंने आयुष्मान के तहत उपचार बंद कर दिया है। पांच जुलाई को फिर से राज्य स्तरीय बैठक होगी। तब तक आयुष्मान कार्ड धारकों का उपचार नहीं किया जाएगा।
वर्जन
विभाग की ओर से भुगतान का आश्वासन दिया गया है। फिलहाल कोई शिकायत भी आयुष्मान धारकों की ओर नहीं मिली है। उपचार न मिलने से मरीजों का उपचार सरकारी संस्थानों में जारी है।
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-डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी आयुष्मान डिजिटल भारत, अंबाला

अंबाला सिटी से आईएमए प्रधान डॉ अशोक सारवाल

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