अंबाला। किसान आंदोलन के कारण एक बार फिर ट्रेनों के पहिये थम गए। इसका खामियाज रेलयात्रियों को भुगतना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई जो लंबा सफर कर पंजाब जा रहे थे। इस कारण छोटे स्टेशनों पर रुकने से यात्रियों को घंटों भूखे-प्यासे रहना पड़ा।
इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को ज्यादा परेशानी हुई। बड़े रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को परेशानी नहीं हुई, क्योंकि यहां उन्हें खानपान की सुविधाएं मिलती रहीं। चार घंटे तक ट्रेन में बैठने के कारण उन्हें भी मानसिक और शारीरिक पीड़ा झेलनी पड़ी।
दरअसल, पंजाब के लगभग 22 अलग-अलग रेलमार्गों पर बैठे किसानों की वजह से लगभग 35 ट्रेनें प्रभावित रहीं। इसमें 25 ट्रेनों को बीच रास्ते के अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर रोका गया, वहीं चंडीगढ़ शताब्दी को चार घंटे की देरी से चलाया गया। जबकि पंजाब की तरफ चलने वाली नौ यात्री ट्रेनों को पूर्णतौर पर रद्द रखा।
गंदगी में बैठे रहे यात्री
छावनी रेलवे स्टेशन पर जयनगर से आई ट्रेन नंबर 14673 में यात्रियों को गंदगी के बीच ही घंटों बैठना पड़ा। एक तरफ वाॅसबेसिन का पानी ब्लॉक हो गया, वहीं डस्टबिन भी गंदगी से भर गए, लेकिन कोई भी कर्मचारी समस्या निदान के लिए नहीं आया।
अंबाला-दिल्ली सेक्शन नहीं हुआ बाधित
रविवार सुबह छह बजे ही अंबाला पुलिस, राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों के जवान अंबाला-दिल्ली रेल सेक्शन पर मोहड़ा गांव के फाटक नंबर 102सी पर डट गए थे। हालांकि किसानों का धरना 12 बजे शुरु होना था। इस दौरान किसी भी विपरित परिस्थिति से निपटने के लिए 200 से अधिक जवानों को रेल फाटक के आसपास तैनात किया था, जिससे कि कोई भी किसान रेलवे ट्रैक तक न पहुंच पाए। पुलिस की मुस्तैदी के चलते किसान रेलवे ट्रैक को बाधित नहीं कर पाए। इस कारण अंबाला-दिल्ली और अंबाला-सहारनुपर रेल मार्ग पर शाम चार बजे तक ट्रेनों का आवागमन जारी रहा, हालांकि अंबाला-लुधियाना और चंडीगढ़ रेल सेक्शन बाधित होने की वजह से ट्रेनों को अंबाला कैंट सहित बीच रास्ते के अन्य रेलवे स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
किसान करते रहे रेकी
मोहड़ा गांव के पास जिस जगह किसानों ने रेल ट्रैक को जाम करना था, वहां पुलिस कर्मचारियों के बंदोबस्त देख किसान पीछे हट गए। एक भी किसान मौके पर नहीं जा पाया। वहीं, पुलिस की नजरों से बचकर कुछ किसान अपने निजी वाहनों में रेल ट्रैक के आसपास जरूर रेकी करते नजर आए, हालांकि पुलिस ने पूरी निगरानी के साथ अपनी ड्यूटी दी। इस दौरान आंसू गैस के गोले भी तैयार थे।
बड़े रेलवे स्टेशनों पर रोकी ट्रेनें
किसान आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने फैसला किया था कि इस बार बीच रास्ते संचालित सभी ट्रेनों को बड़े रेलवे स्टेशनों पर रोका जाएगा, जिससे कि यात्रियों को खाने-पीने की परेशानी से न जूझना पड़े। हालांकि जनसेवा के बराड़ा रेलवे स्टेशन पर रुकने के कारण यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि अंबाला कैंट स्टेशन पर रुकी ट्रेनों के यात्रियों को सभी सुविधाएं मिलती रही।
ये रेलगाड़ियां रहीं रद्द
ट्रेन नंबर 04580 नंगलडैम-अंबाला, 04577 अंबाला-नंगलडैम, 04753 बठिंडा-श्रीगंगानगर, 04756 श्रीगंगानगर-बठिंडा, 04570 कालका-अंबाला, 04569 अंबाला-कालका, 04547 अंबाला-बठिंडा, 14527 बठिंडा-श्रींगगानगर व ट्रेन नंबर 14528 श्रीगंगानगर-बठिंडा पूर्णतौर पर रद्द रही। इस दौरान ट्रेन नंबर 12046 चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी को दोपहर 12.45 की जगह 3.35 बजे चलाया गया।
इन ट्रेनों को बीच रास्ते में रोका
ट्रेन नंबर 22479 नई दिल्ली-लोहियाखास एक्सप्रेस को सुबह 11.55 बजे मलेरकोटला, 11057 मुंबइ-अमृतसर को 11.56 बजे कोली, 12752 जम्मूतवी-नांदेढ़ को 12.43 बजे धूरी, 04745 चारु-लुधियाना को सुनाम, 04568 नंगलडैम-अंबाला को भारतगढ़, 22455 साई नगर-कालका को अंबाला कैंट, 12926 अमृतसर-बांद्रा को चंडीगढ़, 06998 दौलतपुर चौक-अंबाला को घग्गर, 04548 बठिंडा-अंबाला को नाभा, 14735 श्रीगंगानगर-अंबाला को पंजकोसी, 14736 अंबाला-श्रीगंगानगर को बठिंडा, 14729 रेवाड़ी-फाजिल्का को बठिंडा, 14730 फाजिल्का-रेवाड़ी को बठिंडा, 09749 सूरतगढ़-बठिंडा को बठिंडा यार्ड, 14618 अमृतसर-बनमनखी को सरहिंद, 15708 अमृतसर-कटिहार को राजपुरा, 22429 दिल्ली-पठानकोट को खन्ना, 14673 जयनगर-अमृतसर को अंबाला कैंट, 14617 बनमनखी-अमृतसर को बराड़ा, 15011 लखनऊ-चंडीगढ़ को सहारनपुर, 12357 कोलकाता-अमृतसर को सहारनपुर, 22448 अंब अंदौरा-नई दिल्ली को भारतगढ़, 04502 ऊना हिमाचल-हरिद्वार को खतौली, 15903 दरभंगा-चंडीगढ़ को सहारनपुर स्टेशन पर रोक गया।
आंदोलन कर रहे परेशान : हरिमोहन
यात्री हरिमोहन ने बताया कि आंदोलन की वजह से आमजन को परेशानी झेलनी पड़ती है। मधुबनी से जालंधर कैंट जा रहे हैं। पिछले 30 घंटे से ट्रेन में बैठे हैं और अब अंबाला आकर ट्रेन रुक गई है। जानकारी मिली है कि पंजाब में रेलवे ट्रैक पर किसान बैठे हुए हैं। अब चार घंटे ट्रेन में ही बैठना पड़ेगा। बच्चों के साथ सफर में काफी दिक्कत हो रही है।
भगवान से प्रार्थना, ट्रेन जल्दी पहुंचे : दुबे
अभिषेक दुबे का कहना है कि गोरखपुर से ट्रेन में सवार हुआ था। लुधियाना में नौकरी करता हूं। पिछले दो घंटे से ट्रेन में ही बैठा हूं। सोच रहा हूं बस से लुधियाना चला जाऊं, लेकिन सड़क भी बंद है। ऐसे में ट्रेन में इंतजार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। भगवान से प्रार्थना है कि ट्रेन जल्दी लुधियाना पहुंच जाए।
वर्जन
पंजाब में लगभग 22 जगह किसान रेलवे मार्गों पर बैठे थे, हालांकि अंबाला-दिल्ली और सहारनपुर सेक्शन बाधित नहीं हुआ। किसान आंदोलन के कारण 35 ट्रेनें प्रभावित हुई थी। कुछ ट्रेनों को बड़े तो कुछ को छोटे स्टेशनों पर रोकना पड़ा। शाम 4.30 बजे से ट्रेनों का संचालन आरंभ कर दिया गया था।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।