अंबाला। ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल ने लोहे के ट्रंक को ट्रॉली बैग से बदलने का विरोध शुरु कर दिया है। रेलवे बोर्ड के फैसले के विरोध में काउंसिल द्वारा 11 सितंबर को रेलवे कार्यालयों और प्रतिष्ठानों के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ये जानकारी ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल के महासचिव डी बिस्वास ने दी।
उन्होंने बताया कि ट्रंक का वजन 20 किलोग्राम होता है, इन्हें लाइन बॉक्स भी कहा जाता है। इसमें रेलवे मानदंड, विभिन्न उपकरण और अन्य सामान होता है। रेलवे बोर्ड जहां इसे ट्रॉली बैग से बदलना चाहता है तो वहीं गार्ड यूनियन सुरक्षा कारणों से इसका विरोध कर रही है। इसलिए केंद्रीय कार्य समिति के निर्णय के बाद 11 सितंबर को गार्ड लॉबी, डीआरएम कार्यालय और महाप्रबंधकों के कार्यालयों के सामने एक विशाल धरना देने का निर्णय लिया है। महासचिव ने बताया कि इस मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में भी गुहार लगाई गई थी और न्यायालय ने रेल मंत्रालय को इस मुद्दे का निपटारा होने तक लाइन बॉक्स वापस न लेने का निर्देश दिया था। लेकिन दुर्भाग्यवश सभी मंडलों व जोन में लाइन बॉक्स को खत्म करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है
18 वर्ष पहले हुई थी शुरुआत
रेलवे से प्राप्त जानकारी अनुसार बोर्ड ने 2006 में व्यापक निर्देश के साथ इस कदम की शुरुआत की और एक साल बाद परीक्षण के आधार पर इसके कार्यान्वयन के लिए ट्रेड यूनियनों के साथ चर्चा की। इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए, हालांकि लोको पायलटों और गार्डों के कड़े विरोध के कारण यह योजना पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ पाई। 2018 में बोर्ड ने एक बार फिर इस योजना को परीक्षण के लिए दो क्षेत्रों, उत्तर रेलवे और दक्षिण मध्य रेलवे में आगे बढ़ाने का फैसला किया और विभिन्न परीक्षणों से सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इसके कार्यान्वयन के लिए 21 फरवरी 2022 को अंतिम आदेश जारी किया।
भारतीय रेलवे में हैं 36 हजार गार्ड
मौजदूा समय में भारतीय रेलवे में 36 हजार गार्ड काम कर रहे हैं। अंबाला मंडल की बात करें तो यहां भी 500 के करीब अलग-अलग ट्रेनों में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और रोजाना 100 से अधिक ट्रंक लगेज पोर्टर द्वारा ट्रेनों मे लोड किए जाते हैं। वहीं गार्ड एसोसिएशन से जुड़े स्थानीय पदाधिकारियों ने बताया कि उनके पास पहले ही दो बैग होते हैं और तीसरा ट्रॉली बैग जुड़ने से उनकी परेशानी और बढ़ जाएगी क्योंकि इस बैग में डेटोनेटर होंगे, जिनकी सुरक्षा उनके लिए सिरदर्दी बन जाएगी। अगर रेलवे गार्ड केबिन में ही इसकी स्थाई व्यवस्था कर दे तो उन्हें ट्रॉली बैग लेने की कोई समस्या नहीं होगी।
तैयारी में जुटे गार्ड
ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल के निर्देश पर अंबाला मंडल के गार्ड भी कार्रवाई में जुट गए हैं। हालांकि उनका यह प्रदर्शन बिना ट्रेन के संचालन को बाधित किए हुए होगा, यानी वो ट्रेनों का संचालन भी करेंगे और जो काम उन्हें सौंपे जाएंगे, उन्हें भी करेंगे ताकि काम पर रहते हुए वो अपना विरोध जता सकें। इससे ट्रेन संचालन में बाधा न आए और यात्रियों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं यह प्रदर्शन काली पट्टी के साथ किया जाएगा या नहीं, इसे लेकर निर्देशों का इंतजार हो रहा है।