अंबाला। रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर व्यापार को बढ़ाने के लिए छह नामी कंपनियों के साथ विभागीय अधिकारियों की विस्तारपूर्वक मंत्रणा हुई है। कंपनियों से जुड़े प्रबंध अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वो रेल हित में अपना पूरा सहयोग देंगे और गति शक्ति कार्गाे टर्मिनल स्थापित करने में साथ निभाएंगे जोकि शंभू, चावापायल और जगाधरी में स्थापित किए जाने हैं।
कॉरिडोर प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि गति शक्ति कार्गाे टर्मिनल स्थापित होने से व्यापारियों को काफी फायदा होगा। उनका सामान एक से दूसरी जगह पर जल्द और सुरक्षित तरीके से पहुंच सकेगा। व्यापारी की जरूरत अनुसार कॉरिडोर पर मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा।
सामान के हिसाब से उन्हें रैक उपलब्ध करवाए जाएंगे, अगर उनका सामाान अधिक होगा और वो पूरी रेलगाड़ी की मांग करेंगे तो वो भी उन्हें उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि तय समय पर सामान उनके निर्धारित स्थल पर पहुंच सके। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले व्यस्त रेल मार्गाें पर भी मालगाड़ियां संचालित की जाएंगी ताकि व्यापारियों को डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का पूरा फायदा मिले।
यह कंपनियां रही मौजूद
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर प्रबंधन के साथ बैठक के दौरान कॉनकोर दप्पर के पदाधिकारी, हिंद टर्मिनलस, प्रीसटीन मेगा लोजेस्टिक पार्क, मेटको इंजीनियर्स, ओवरसीज वेयर हाउसिंग कारपोरे, अध्यक्ष वाईजेसीसीआई यमुनानगर के प्रबंधन के साथ आगामी परियोजनाओं पर मंथन किया गया।
मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में हुई वृद्धि
कॉरिडोर के बनने से जहां मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन में वृद्धि हुई है, वहीं निर्धारित समय पर ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भी राहत मिली है, हालांकि अभी पूरी तरह से मालगाड़ियों का संचालन डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर नहीं हो पाया है क्योंकि दिल्ली से अंबाला की तरफ आने वाली मालगाड़ियां अभी पुराने ट्रैक पर ही चल रही हैं जबकि सहारनपुर की तरफ से अंबाला की तरफ आने वाली सभी मालगाड़ियां डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर शिफ्ट कर दी गई हैं। इस कारण अंबाला कैंट स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में भी इजाफा हो गया है। पहले जहां रोजाना 260 के करीब मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें रेलवे स्टेशन से आवागमन करती थीं लेकिन अब इनकी संख्या भी 290 तक पहुंच गई है यानी की 30 नई ट्रेनों का संचालन शुरु हो गया है।
5500 करोड़ की परियोजना
सहारनपुर के पिलखनी से पंजाब के साहनेवाल तक लगभग 5500 करोड़ की लागत से 175 किमी. लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया गया है। यह कार्य जुलाई 2016 में शुरू किया गया था। इस ट्रैक पर मालगाड़ियां 75 किमी. प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ने में समक्ष हैं। लुधियाना से सहारनपुर तक 46 बड़े पुल, 154 छोटे पुल, चार रेलवे फ्लाईओवर, यमुना और मारकंडा नदियों पर दो पुल और 11 नए रेलवे स्टेशन बनाए गए हैं।
डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यह कार्य गति शक्ति कार्गाें टर्मिनल के निर्माण से पूरा होगा। इसके लिए देश की नामी कंपनियों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई है जोकि काफी सौहाद्पूर्ण माहौल में संपन्न हुई है। इसमें कंपनी से जुड़े अधिकारियों ने उचित सहयोग का आश्वासन दिया है।
पंकज गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।