अंबाला में हाईवे पर आया नदी का पानी
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नदी का पानी नेशनल हाईवे पर जमा
अंबाला में मारकंडा नदी ओवरफ्लो होकर चल रही है जिसके कारण नेशनल हाईवे पर भी जाम लग गया। वहीं, नदी का पानी नेशनल हाईवे को क्रॉस करता हुआ आस-पास के गांव में घुस गया। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सोनीपत में दो गांवों में पांच मकान ढहे
सोनीपत में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के चलते दो गांवों में पांच मकान ढह गए। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि सामान मलबे के नीचे दबने से मकान मालिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। रविवार को सुबह चार घंटे तक जमकर बारिश हुई। 54.33 एमएम बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भरा रहा। शनि मंदिर रेलवे अंडरपास में पानी भरने से शहर दो हिस्सों में बंट गया। सड़कों व गलियों में पानी भरने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।
तेज बारिश के चलते गांव जगदीशपुर में चार मकान ढह गए। घरों के पीछे धान के खेत होने के कारण पानी नींव में चला गया। जिसके चलते खेत के साथ लगते चार घरों की नींव धंस गई। जिसके चलते राजेंद्र, सोमी, नीटू व संजय के मकान ढह गए। इसके अलावा ग्रामीण अनिल व बिलेंद्र के घर की छत में दरार आ गई है। सरंपच पति जितेंद्र कुमार ने जरूरतमंद परिवारों को चौपाल में ठहरने की व्यवस्था की है। साथ ही गांव सांदल कलां में भी एक ग्रामीण का घर ढह गया। हादसे के समय बच्चे भी नजदीक ही थे। सभी बाल-बाल बच गए। हालांकि घर का सामान मलबे में दब गया।
24 घंटे में जिले में औसतन 28 एमएम हुई बारिश
कैथल में दूसरे दिन भी जिले में मूसलाधार बारिश जारी है। पिछले 24 घंटे से रूक रूक कर बरसात हो रही है। वहीं मौसम विभाग की ओर से आगामी दो घंटों तक शहर में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। शनिवार रात को भी भारी बारिश हुई। 24 घंटे में अब तक जिले में औसतन 28 एमएम बारिश सुबह आठ बजे तक हो चुकी है। इसके बाद भी बारिश जारी है।
शहर की सडक़े जलमग्न, सडक़ों पर जमा पानी से गुजर रहे लोग
सबसे अधिक बारिश पूंडरी क्षेत्र में 50 एमएम, सबसे कम बारिश कैथल में 16 एमएम, ढांड 17 एमएम, कलायत 18 एमएम, राजौंद 26 एमएम, सीवन 31 एमएम व गुहला 37 एमएम बारिश हुई है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पानी में डूबी गाड़ियों
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शहर की सडक़ें हुई लबालब
कैथल शहर में हुई 16 एमएम बारिश से शहर की सभी मुख्य सडक़ें व नीचले इलाके पानी से जलमग्न हो गए। लोगों को मुख्य सडक़ों पर जमा पानी से होकर ही निकला पड़ा। शहर के करनाल रोड, अंबाला रोड, ढांड रोड, जाखौली अड्डा, माता गेट, पिहोवा चौक, छोटू राम चौक, पुराना बस स्टैंड, छात्रावास रोड, अमरगढ़ कॉलोनी, हिंदू कन्या स्कूल रोड, कबूतर चौक, भगत सिंह चौक, चंदाना गेट, नया बस स्टैंड के बाहर, पार्क रोड सहित शहर की नीचली कॉलोनियों में पानी जमा हो गया।
बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले
खेतों में धान रोपाई के कार्य में तेजी आई है। बारिश से धान की फसल में अच्छा फुटाव होगा। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। बारिश में नाइट्रोजन की मात्रा 41 प्रतिशत होती है। जो धान की फसल के लिए वरदान है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी 12 जुलाई तक बारिश की संभावना है। किसान धान की फसल में कृषि विशेषज्ञों की सलाह से पानी लगाएं।