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हरियाणा में आफत की बारिश: सोनीपत में रेलवे अंडरब्रिज बना तालाब, अंबाला में मारकंडा नदी ओवरफ्लो

Sun, 09 Jul 2023 01:32 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

हरियाणा में दूसरे दिन भी कई जिले में मूसलाधार बारिश जारी है। पिछले 24 घंटे से रूक रूक कर बरसात हो रही है। वहीं मौसम विभाग की ओर से आगामी दो घंटों तक शहर में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। शनिवार रात को भी भारी बारिश हुई।
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हरियाणा के कई जिलों में तेज बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। सोनीपत। जिले में रविवार को दूसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। आसमान पर बादल छाये रहे। सुबह 6:30 बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई जो सुबह 10:30 बजे तक जारी रही। जिलेभर में हुई औसतन 54.33 एमएम बारिश से शहर की सड़कें हो गई। वहीं तेज बारिश के चलते पुरखास अड्डा स्थित शनि मंदिर के पास रेलवे अंडरपास तालाब बन गया। जिससे शहर दो हिस्सों में बंट गया। मार्ग बाधित होने से लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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जनशताब्दी समेत पांच ट्रेन रद्द, डेढ़ दर्जन देरी से चलीं
बारिश के कारण रेल लाइनों को काफी नुकसान हुआ। अंबाला मंडल के सरहिंद-नंगल डैम, चंडीगढ़-साहनेवाल और कालका-शिमला सेक्शन पर ट्रेनों का संचालन तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया गया। इसका असर 30 से अधिक ट्रेनों पर पड़ा है। दिल्ली व नंगल डैम में पटरियों पर पानी भरने से चार सवारी गाड़ियों समेत ऊना से दिल्ली आवागमन करने वाली 12057 व 12058 जनशताब्दी एक्सप्रेस के संचालन को रद्द कर दिया गया है। वहीं चार सवारी गाड़ियों समेत डेढ़ दर्जन से ज्यादा एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। यह ट्रेनें 35 मिनट से करीब 5:30 घंटे की देरी से गंतव्य की ओर रवाना की गईं। ट्रेनों के रद्द होने व देरी से चलने के कारण अंबाला व दिल्ली की तरफ आवागमन करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्री रेलवे स्टेशनों पर बैठकर ट्रेनों के पहुंचने का इंतजार करते रहे। कुछ यात्री निजी वाहनों व रोडवेज बसों का सहारा लेकर गंतव्य की ओर रवाना हुए।

शहर में पानी निकासी व्यवस्था चरमराई 
कुछ दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे लोगो के लिए शनिवार से लगी सावन की झड़ी राहत लेकर आई है। रविवार को दो लगातार दूसरे दिन भी बारिश का दौर जारी रहा। सुबह करीब 4 घंटे हुई झमाझम बारिश से शहरभर के विभिन्न मार्गों पर सड़कों पर पानी भर गया। बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं सफाई व्यवस्था पर लाखों रुपये खर्च करने वाले नगर निगम के दावों की पोल खुलती नजर आई।
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सड़कों पर जलभराव की स्थिति
सड़कों व गलियों में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ी। बारिश के बाद अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  मौसम के रुख को देखते हुए धान उत्पादक किसानों के चेहरे भी खिले हुए है। किसानों का कहना है कि बारिश से धान रोपाई के काम में तेजी आएगी।

अंबाला में हाईवे पर आया नदी का पानी - फोटो : अमर उजाला
नदी का पानी नेशनल हाईवे पर जमा
अंबाला में मारकंडा नदी ओवरफ्लो होकर चल रही है जिसके कारण नेशनल हाईवे पर भी जाम लग गया। वहीं, नदी का पानी नेशनल हाईवे को क्रॉस करता हुआ आस-पास के गांव में घुस गया। जिसके कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सोनीपत में दो गांवों में पांच मकान ढहे
सोनीपत में लगातार दो दिन से हो रही बारिश के चलते दो गांवों में पांच मकान ढह गए। गनीमत रही कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि सामान मलबे के नीचे दबने से मकान मालिकों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। रविवार को सुबह चार घंटे तक जमकर बारिश हुई। 54.33 एमएम बारिश से शहर की सड़कों पर पानी भरा रहा। शनि मंदिर रेलवे अंडरपास में पानी भरने से शहर दो हिस्सों में बंट गया। सड़कों व गलियों में पानी भरने से लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ीं।

तेज बारिश के चलते गांव जगदीशपुर में चार मकान ढह गए। घरों के पीछे धान के खेत होने के कारण पानी नींव में चला गया। जिसके चलते खेत के साथ लगते चार घरों की नींव धंस गई। जिसके चलते राजेंद्र, सोमी, नीटू व संजय के मकान ढह गए। इसके अलावा ग्रामीण अनिल व बिलेंद्र के घर की छत में दरार आ गई है। सरंपच पति जितेंद्र कुमार ने जरूरतमंद परिवारों को चौपाल में ठहरने की व्यवस्था की है। साथ ही गांव सांदल कलां में भी एक ग्रामीण का घर ढह गया। हादसे के समय बच्चे भी नजदीक ही थे। सभी बाल-बाल बच गए। हालांकि घर का सामान मलबे में दब गया।

शहर की सड़कें जलमग्न - फोटो : अमर उजाला
24 घंटे में जिले में औसतन 28 एमएम हुई बारिश 
कैथल में दूसरे दिन भी जिले में मूसलाधार बारिश जारी है। पिछले 24 घंटे से रूक रूक कर बरसात हो रही है। वहीं मौसम विभाग की ओर से आगामी दो घंटों तक शहर में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। शनिवार रात को भी भारी बारिश हुई। 24 घंटे में अब तक जिले में औसतन 28 एमएम बारिश सुबह आठ बजे तक हो चुकी है। इसके बाद भी बारिश जारी है।

शहर की सडक़े जलमग्न, सडक़ों पर जमा पानी से गुजर रहे लोग
सबसे अधिक बारिश पूंडरी क्षेत्र में 50 एमएम, सबसे कम बारिश कैथल में 16 एमएम, ढांड 17 एमएम, कलायत 18 एमएम, राजौंद 26 एमएम, सीवन 31 एमएम व गुहला 37 एमएम बारिश हुई है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 28.1 व न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 

पानी में डूबी गाड़ियों - फोटो : अमर उजाला
शहर की सडक़ें हुई लबालब
कैथल शहर में हुई 16 एमएम बारिश से शहर की सभी मुख्य सडक़ें व नीचले इलाके पानी से जलमग्न हो गए। लोगों को मुख्य सडक़ों पर जमा पानी से होकर ही निकला पड़ा। शहर के करनाल रोड, अंबाला  रोड, ढांड रोड, जाखौली अड्डा, माता गेट, पिहोवा चौक, छोटू राम चौक, पुराना बस स्टैंड, छात्रावास रोड, अमरगढ़ कॉलोनी, हिंदू कन्या स्कूल रोड, कबूतर चौक, भगत सिंह चौक, चंदाना गेट, नया बस स्टैंड के बाहर, पार्क रोड सहित शहर की नीचली कॉलोनियों में पानी जमा हो गया। 
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पानी से परेशान लोग - फोटो : अमर उजाला
बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले
खेतों में धान रोपाई के कार्य में तेजी आई है। बारिश से धान की फसल में अच्छा फुटाव होगा। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए बारिश लाभदायक है। बारिश में नाइट्रोजन की मात्रा 41 प्रतिशत होती है। जो धान की फसल के लिए वरदान है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी 12 जुलाई तक बारिश की संभावना है। किसान धान की फसल में कृषि विशेषज्ञों की सलाह से पानी लगाएं।
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