विश्व लकवा दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में लोगों को जागरूक करती पीएमओ डॉ. पूजा पेंटल। पीआ
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। विश्व लकवा (स्ट्रोक) दिवस के अवसर पर छावनी के नागरिक अस्पताल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को लकवा जैसी गंभीर और अचानक होने वाली बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी देना था। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. पूजा पेंटल ने बताया कि लकवा ऐसी स्थिति है जब मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है या रक्त वाहिकाएं फट जाती है। इससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा हो जाए, हाथ या पैर में कमजोरी आ जाए, या बोली अस्पष्ट हो जाए, तो यह लकवे के प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लकवा आने के साढ़े चार घंटे के भीतर यदि उचित इलाज और विशेष इंजेक्शन दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है।