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Ambala News: घर में भ्रूण लिंग जांच कराते महिला समेत तीन गिरफ्तार

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भ्रूण लिंग जांच गिरोह के पकड़े गए सदस्य व स्वास्थ्य विभाग की टीम
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अंबाला। नारायणगढ़ की कृष्णा कॉलोनी के एक रिहायशी मकान में चल रहे भ्रूण लिंग जांच का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार भंडाफोड़ किया। कुरुक्षेत्र और अंबाला टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान एक महिला सहित तीन लोगों को काबू कर लिया। यहां से मुख्य आरोपी फरार हो गया।
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हैरानी की बात यह है कि फरार आरोपी पुरुषोत्तम ने अपने पास एक अल्ट्रासाउंड की एक पोर्टेबल मशीन रखी थी और स्वास्थ्य विभाग को भनक तक नहीं लगी। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद विभाग ने एक डिकोय महिला ग्राहक तैयार किया और भ्रूण लिंग जांच की बात कहते हुए आरोपियों को झांसे में लिया था। जांच के लिए करीब 30 हजार रुपये में समझौता हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों आरोपियों को नारायणगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े आरोपियों की पहचान महिला, गुरमेल सिंह और निर्मल के रूप में हुई। नारायणगढ़ थाना प्रभारी गौरव ने बताया कि विभाग की तरफ से लिखित में शिकायत मिलने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अंबाला स्वास्थ्य विभाग से डॉ. हितार्थ और डॉ. मयंक और कुरुक्षेत्र से डॉ. गौरव, डॉ. ऋषि, अमित, मनोज कुमार और राजीव शामिल रहे।
गर्भपात में इस्तेमाल उपकरण बरामद
स्वास्थ्य विभाग की जांच में आया है कि पुरुषोत्तम एक निजी अस्पताल में कर्मचारी है। जैसे ही उसे छापामारी की भनक लगी तो मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि 30 हजार में समझौता होने के बाद आरोपियों ने उसे समय दिया था। नारायणगढ़ बस स्टैंड पर उतरने के बाद डिकोय महिला को गांव रातौर निवासी गुरमेल सिंह मिला था। इतने में एक दूसरे व्यक्ति नारायणगढ़ निवासी निर्मल सिंह बाइक पर पहुंच गया। नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ के पास से गुरमेल सिंह और पुरुषोत्तम गर्भवती को अपनी बाइक पर बैठा कृष्णा कॉलोनी में नीलम के घर ले गया। वहीं से तीनों को काबू किया और पुरुषोत्तम फरार हो गया।
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ले लिए थे 30 हजार, बताया था लड़का

बताया जाता है कि अल्ट्रासाउंड करने से पहले ही महिला से 30 हजार रुपये ले लिए थे। पुरुषोत्तम ने अल्ट्रासाउंड कर गर्भ में लड़का होने की पुष्टि की थी। इतने में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मार दिया। मौके से विभाग को गर्भपात के दौरान इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण सहित करीब 500 रुपये की राशि बरामद की है। जबकि पुरुषोत्तम मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन और नकदी लेकर बाइक लेकर फरार हो गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आरोपी के घर का पता लगाकर छापामारी शुरू कर दी।



आंखों में धूल झोंकने के लिए पोर्टेबल मशीन का सहारा, अवैध बिक्री से विभाग की बढ़ी टेंशन

अंबाला। भ्रूण लिंग जांच पर अस्पतालों और निजी सेंटरों पर बढ़ रही छापामारी के चलते इस गिरोह के सदस्यों ने अपना तरीका ही बदल लिया है। विभाग की आंखों में झूल झोंकने के लिए वे करीब चार से पांच लाख रुपये की पोर्टेबल मशीनों को अवैध रूप से खरीद लेते हैं।
वैसे यह मशीनें सस्ती आती हैं और अगर सही ढंग से खरीदें तो पूरे दस्तावेज जमा होते हैं, लेकिन इस तरह से गिरोह चलाने वाले इसे अवैध रूप से अत्यधिक पैसे देकर खरीद रहे हैं। इस मशीन को कहीं भी आसानी से ले जाया जा सकता है और जांच कर सकते हैं। अगर टीम की छापामारी हो जाए तो वह मशीन लेकर भाग जाते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए परेशानी ओर भी बढ़ गई है। इस तरह से गिरोह को पकड़ने के लिए उन्हें कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है।
मुख्य आरोपी निजी अस्पताल में वार्ड सर्वेंट

गिरोह का मुख्य सरगना पुरुषोत्तम अपने काम में माहिर है। 2018 में भी अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुरुषोत्तम को गर्भपात कराते हुए दबोचा था। उसे समय करीब पांच आरोपी काबू थे। जबकि दोबारा वह जांच करता पाया गया। जांच में पाया गया है कि वह नारायणगढ़ के ही एक निजी अस्पताल में बतौर वार्ड सर्वेंट के पद पर कार्यरत है। इसलिए उसे इस काम की पूरी समझ है। जबकि गिरोह में शामिल महिला को टीम ने काबू किया है, वह भी एक निजी अस्पताल के प्रसूति विभाग में काम कर चुकी है और उसे पूरी अनुभव है कि आखिर कैसे गर्भपात करवाना है। पुरुषोत्तम हर बार वह अपनी टीम में निजी अस्पतालों से जुड़े कर्मचारियों को रखता है। बताया जाता है कि गुरमेल और निर्मल सिंह को भी मेडिकल लाइन की अच्छी जानकारी है इसलिए वो भी पुरुषोत्तम के गिरोह में शामिल हैं।
वर्जन
पोर्टेबल मशीनों को अवैध तौर पर बेचने वाले गिरोह का पहले भी गुरुग्राम में भंडाफोड़ हो चुका है। यह मशीनें वैसे तो हजारों में मिलती है लेकिन इससे जुड़े लोग इससे चार से पांच लाख रुपये में खरीद लेते हैं। इन पर हमारी नजर है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसको लेकर पूरी तरह से गंभीर है और समय-समय पर अंबाला में चेकिंग अभियान भी चलाया जाता है।
डॉ. कुलदीप, सीएमओ अंबाला

भ्रूण लिंग जांच गिरोह के पकड़े गए सदस्य व स्वास्थ्य विभाग की टीम

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