अंबाला। बाढ़ के हालात बनने के बाद डेंगू व मलेरिया के साथ-साथ डायरिया का भी खतरा बढ़ गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू का लारवा जांचने के लिए 40 ब्रीडिंग चैकरों की फौज को फील्ड में उतारा है। इनमें से 20 छावनी तो 20 सिटी में हैं। इनके लिए अब काम भी बढ़ गया है।
लारवा के साथ-साथ वह डायरिया के मरीजों की जांच और लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं जलभराव वाले इलाकों में काले तेल का छिड़काव किया जा रहा है। डेंगू व मलेरिया को लेकर अभी अस्पतालों की ओपीडी में अलर्ट किया हुआ है। हालांकि अभी तक डेंगू के लक्षण वाले दो मरीज तो सामने आए, लेकिन उनके रिपोर्ट के आधार पर पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है। उधर, डायरिया के मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। फिजिशियन की ओपीडी में रोजाना 10 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिनमें डायरिया के लक्षण यानी उल्टी व दस्त है। साथ ही बुखार भी है।
जलभराव के कारण बढ़े मरीज
मानसून के आते ही डेंगू व मलेरिया के मरीजों में इजाफा हो जाता है, लेकिन अबकी बार बाढ़ से हालात बनने के कारण जगह-जगह जलभराव हो गया है और गंदा पानी जमा है। इसलिए लारवा कम मिल रहा है। अभी तक जिलाभर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 77 लोगों को नोटिस थमाया गया है। चेतावनी दी गई है कि वह अपने आसपास सफाई रखें और कूलर व फ्रिज की ट्रे आदि को साफ रखें।
अभी तक जिले में एक भी डेंगू के केस की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें निरंतर फील्ड में उतरकर काम कर रही हैं। लारवा मिलने पर नोटिस भी थमाए जा रहे हैं। जिलाभर में करीब 40 ब्रीडिंग चैकरों को भी तैनात कर दिया गया है।
-डॉ. संजीव सिंगला, डिप्टी सिविल सर्जन मलेरिया