संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। लोकसभा चुनावों को लेकर इस बार दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए घर से ही मतदान करने की सुविधा दी जा रही है। इस सुविधा को लेने के लिए जिला भर में 238 लोगों ने आवेदन किए हैं। इनमें कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं जिनकी ड्यूटी चुनावों में लगाई गई है। आवेदन करने वाले 60 प्रतिशत दिव्यांग ऐसे हैं, जिन्होंने फॉर्म 12 डी के साथ अपना दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। इसपर उनके आवेदनों को खारिज कर दिया जाएगा।
निर्वाचन आयोग की तरफ से इस बार 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग और 85 से अधिक आयु के लोगों को घर से बैलेट पेपर पर मतदान करने का अधिकार होगा। इसमें दिव्यांगाें को फार्म 12 डी के साथ अपना दिव्यांग प्रमाणपत्र भी लगाना होगा। इसके बाद ही उसका आवेदन मान्य होगा। घर से मतदान करने वाले मतदाताओं को वोट के दौरान निर्वाचन अधिकारी के साथ सुरक्षा के तौर पर पुलिस कर्मी भी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही मतदान की पूरी वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
घर से मतदान करने के लिए अंबाला शहर से 9 दिव्यांगों, 62 बुजुर्गों ने आवेदन किए है। अंबाला छावनी से सात दिव्यांग और 16 बुजुर्ग, नारायणगढ़ से 15 दिव्यांग और 68 बुजुर्ग और मुलाना से 18 दिव्यांग और 32 बुजुर्गों ने फॉर्म 12 डी के लिए आवेदन किया है। इनमें से अधिकतर दिव्यांग ऐसे हैं जिन्होंने अपने आवेदन के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं दिया है। उन्हें फॉर्म 12 डी के तहत सुविधा नहीं मिलेगी। जिला अंबाला में 6198 दिव्यांग है। वहीं 12000 के करीब 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता है। जो लोकसभा चुनावों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
लोकसभा चुनावों को लेकर 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं के लिए घर से मतदान करने के लिए फॉर्म 12 डी के आवेदन मांगे गए थे। जिला अंबाला में 238 आवेदन आए हैं। इनमें से कुछ दिव्यांगों के आवेदनों के साथ दिव्यांग प्रमाणपत्र नहीं भेजे गए है। उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। - संदीप कुमार, चुनाव तहसीलदार, अंबाला