अंबाला सिटी। नगर निगम के क्षेत्र गांव और शहर में स्ट्रीट लाइट और पोल लगाने की निविदा सिरे नहीं चढ़ी। निविदा में कम से कम से तीन एजेंसियों का आना अनिवार्य है, लेकिन दो ही एजेंसी आई। जबकि इन दो में से भी एक ही क्वालीफाई हो पाई। अब निगम स्ट्रीट लाइट और पोल लगाने के लिए दोबारा निविदा लगाएगा।
ऐसे में स्ट्रीट लाइट और पोल लगाने के लिए देरी होगी। बीते वर्ष से निगम में यह स्ट्रीट लाइट आई हैं। निगम में शामिल गांवों में भी करीब 15 हजार लाइट लगाई जानी है, लेकिन लंबे समय से यह प्रक्रिया चल रही है। अभी तक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया। इससे न केवल इलाका पार्षदों में रोष है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
निगम के पास आ गई हैं स्ट्रीट लाइटें
नगर निगम अधिकारियों का कहना था कि निगम के अंतर्गत आने वाले शहर और ग्रामीण एरिया में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी। साथ ही ग्रामीण एरिया में भी स्ट्रीट लाइट के साथ नए पोल लगेंगे। यह सिलसिला दी महीनों से चल रहा है। अभी तक गांव में लाइट नहीं लगी। यह मुद्दा नगर निगम की बजट बैठक में भी गर्माया था। पार्षदों का कहना था कि निगम ने अभी तक इन गांवों की तरफ ध्यान नहीं दिया। यहां विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे। लोगों की नाराजगी का उनको सामना करना पड़ता है।
निगम इन गांवों से राजस्व तो एकत्रित कर रहा है, मगर वह पैसा इन गांवों पर नहीं लगाया जा रहा। यही नहीं निगम में आए गांवों में विकास कार्य न बराबर ही हुए हैं। करीब तीन वर्ष बीतने के बाद भी निगम अपने अधीन आने वाले गांवों में मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पाया है। इसी के चलते कई बार इन गांवों में पंचायती राज को दोबारा शुरू करने की आवाज भी उठ चुकी है। बीते वर्ष शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से स्ट्रीट लाइट को खरीदकर भेजा गया था। इन लाइटों को लगाने के लिए निविदा का इंतजार किया जा रहा है।
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पहले वाली स्ट्रीट लाइटें हो गई बंद : जसबीर
डंगडेहरी, लोहगढ़, मानकपुर, डडियाना, देवीनगर गांव उनके वार्ड में आते हैं। इन गांवों में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। स्ट्रीट लाइट का बुरा हाल है। गलियों की हालत खस्ता है। नालों की निकासी नहीं है। जो स्ट्रीट लाइट पहले जलती थी, वह भी अब बुझ चुकी हैं। निगम अधिकारी कहते हैं कि जल्द ही गांवों में स्ट्रीट लाइट व पोल लगवाए जाएंगे, लेकिन कई महीने से यही सुन रहे हैं। अभी तक न तो पोल लगे और न ही स्ट्रीट लाइट। वह जल्द ही स्ट्रीट लाइट व सड़कों की हालत सुधारने के बारे में निगम अधिकारियों को मिलेंगे।
गांवों में स्ट्रीट लाइटें और पोल लगने चाहिए : सूद
उनके क्षेत्र में पुराने कांवला, नैब कॉलोनी, अमर कॉलोनी में अभी स्ट्रीट के पोल लगने हैं। निगम जब स्ट्रीट लाइट के पोल लगाने के लिए निविदा जारी करेगा। उसके बाद ही यह पोल लगेंगे और यहां स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी। उनकी मांग है कि स्ट्रीट लाइट लगाने की संख्या को बढ़ाया जाए। पुराने गांवों के एरिया में स्ट्रीट लाइट और पोल जल्द लगने चाहिए।
प्रीति सूद, पार्षद, वार्ड-20।
वर्जन
नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए निविदा जारी की गई थी। निविदा के लिए दो ही एजेंसी ने आवेदन किया था। इन दोनों एजेंसी में से एक ही एजेंसी क्वालीफाई हो पाई। निविदा के लिए कम से कम तीन एजेंसी का आना अनिवार्य है, इसलिए अब स्ट्रीट लाइट को लेकर दोबारा निविदा लगाई जाएगी।
शक्ति रानी शर्मा, मेयर, नगर निगम।
वर्जन
निगम में करीब 27 हजार स्ट्रीट लाइट आई थी। इसमें से करीब 15 हजार स्ट्रीट लाइट निगम में आए गांवों के एरिया में लगवाई जाएंगी। यहां स्ट्रीट लाइट के साथ नए पोल भी लगाए जाने हैं। पोल व स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर निविदा जारी होनी है। निविदा के लिए दो ही एजेंसी ने आवेदन किया था। इनमें से भी एक ही एजेंसी क्वालीफाई हो पाई। जिससे निविदा सिरे नहीं चढ़ी। अब दोबारा निविदा लगाने की प्रक्रिया चल रही है ताकि जल्द स्ट्रीट लाइट को लगाया जा सके।
डॉ. संगीता तेतरवाल, आयुक्त, नगर निगम।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।
नगर निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा।